ईरान के नेता खामेनेई की मौत: इज़राइल की गुप्त ऑपरेशन की कहानी
ईरान के सर्वोच्च नेता की अचानक मौत
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन पूरी दुनिया में एक बड़ा सदमा लेकर आया है। एक प्रमुख मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के पीछे इज़राइल की गुप्त इंटेलिजेंस योजना का हाथ है, जिसे वर्षों की मेहनत से अंजाम दिया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि इज़राइली इंटेलिजेंस ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क को हैक करने के लिए काफी समय और संसाधन लगाए। लगभग सभी कैमरों को हैक कर लिया गया था, और उनका फुटेज सीधे इज़राइल के सर्वर पर भेजा जा रहा था। सबसे महत्वपूर्ण कैमरा एंगल 'पाश्चर स्ट्रीट' के पास था, जहां खामेनेई का निवास है। इससे इज़राइल को खामेनेई के बॉडीगार्ड की गतिविधियों और उनके दैनिक जीवन की जानकारी मिली।
खामेनेई के दैनिक जीवन की निगरानी
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और इज़राइली इंटेलिजेंस अधिकारियों ने खामेनेई के दैनिक जीवन का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने यह देखा कि खामेनेई कहाँ रहते थे, किससे मिलते थे, और संभावित हमले की स्थिति में उनकी सुरक्षा के उपाय क्या थे। खबरों के अनुसार, खामेनेई और अन्य वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही थी।
हमले की योजना और निष्पादन
सूत्रों के अनुसार, हमले की योजना रात में करने की थी, लेकिन इसे दिन में अंजाम दिया गया। CNN ने बताया कि इज़राइल में स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग 6 बजे, फाइटर जेट्स ने कंपाउंड पर सटीक बमबारी की, जो कि अमेरिकी-इज़राइली संयुक्त ऑपरेशन का पहला चरण था।
इज़राइल का हिज़्बुल्लाह पर हमला
सितंबर 2024 की शुरुआत में, इज़राइल के मोसाद ने लेबनान और सीरिया में हिज़्बुल्लाह के मिलिटेंट्स को टारगेट करने के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग किया। पेजर और वॉकी टॉकी में छिपे विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया।
खामेनेई की हत्या के बाद का तनाव
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान में 1,250 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं, जिसमें कई ईरानी जहाज़ भी नष्ट हुए हैं। खामेनेई की हत्या के बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई है।