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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रम्प का कड़ा रुख: अमेरिका की नई चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर से सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो मौजूदा सीजफायर समाप्त किया जा सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। जानें इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच क्या मतभेद हैं और समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर क्या स्थिति है।
 

ट्रम्प का कड़ा संदेश


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के संदर्भ में एक बार फिर से सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान के पास मौजूद उच्च संवर्धित यूरेनियम को प्राप्त करेगा। एयरफोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए, उन्होंने संकेत दिया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई समझौता नहीं होता है, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इस बयान ने वैश्विक स्तर पर नई चिंताओं को जन्म दिया है।


समझौते की अनिश्चितता

ट्रम्प ने चेतावनी दी कि यदि बुधवार तक कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो मौजूदा सीजफायर समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नाकेबंदी जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है। यह स्पष्ट है कि अमेरिका अब दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है।


अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। हाल ही में पाकिस्तान में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत से भी कोई विशेष प्रगति नहीं हुई। हालांकि बैकचैनल वार्ता से कुछ उम्मीदें जगी थीं, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अब भी बने हुए हैं।


मुख्य विवाद और समुद्री सुरक्षा

दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर है कि क्या ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटेंगे और वह अपने परमाणु कार्यक्रम को कितना सीमित करेगा। इसके अलावा, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। इन सभी विषयों पर सहमति न बन पाने के कारण समझौता लगातार टलता जा रहा है।


होर्मुज जलडमरूमध्य के संदर्भ में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि यह मार्ग व्यापारिक जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि यदि नाकेबंदी जारी रही, तो यह मार्ग बंद भी किया जा सकता है। इस अनिश्चितता के कारण कई जहाज इस मार्ग से गुजरने से बच रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।