ईरान के पांच तेल टैंकरों को अमेरिकी सेना ने किया नष्ट, बढ़ी तनाव की स्थिति
अमेरिकी हमलों का जवाब
वाशिंगटन, 9 सितंबर (एपी) अमेरिकी सेना ने मंगलवार को अपने युद्धपोतों पर हुए हालिया हमलों के प्रतिशोध में ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट करने की जानकारी दी। इसके बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। यह घटनाक्रम पिछले छह महीनों से चल रहे संघर्ष में एक नई कड़ी है, जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावना फिर से बढ़ गई है।
ईरान का मिसाइल हमला
ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की कि उसकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर दिया, जबकि दो अन्य मिसाइलें निर्जन क्षेत्रों में गिरीं। सेना ने किसी भी हताहत की सूचना नहीं दी।
जॉर्डन की स्थिति
जॉर्डन अमेरिका का करीबी सहयोगी है और वहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जिससे यह क्षेत्र ईरान के हमलों का बार-बार निशाना बनता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी।
ईरानी टैंकरों पर हमला
सेंट्रल कमांड ने बताया कि मंगलवार को ईरान के टैंकरों पर हमला किया गया, क्योंकि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पिछले दो दिनों में अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाया था। बयान में कहा गया, 'अमेरिकी युद्धपोत ने ईरान के हमले के प्रयासों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया और क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त जारी रखी। किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा।' नष्ट किए गए टैंकरों में ओमान की खाड़ी में मौजूद 'किविक', 'चारमीनार', 'होराइजन-1' और 'रिस्को' शामिल थे।
अमेरिकी सेना की कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने 'दर्या' नामक पोत को भी नष्ट किया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के खार्ग द्वीप के निकट था। बयान में कहा गया कि हमलों से पहले सभी टैंकरों के चालक दल को जहाज छोड़ने के लिए कहा गया था। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी अमेरिकी हमलों की जानकारी दी।
आर्थिक प्रतिबंध
ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को ईरान के विमानन उद्योग के कुछ हिस्सों पर नए प्रतिबंध लगाए। इनमें 24 से अधिक वाणिज्यिक और निजी विमानन कंपनियों के साथ-साथ विदेशी माल ढुलाई सेवा देने वाली कंपनियां शामिल हैं। यह कदम तेहरान को उसके बचे हुए व्यापारिक साझेदारों से अलग-थलग करने की अमेरिका की नई कोशिश का हिस्सा है।
भविष्य की चुनौतियाँ
अमेरिका और ईरान दोनों होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं। युद्ध शुरू होने से पहले, इस मार्ग से दुनिया के कुल तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता था। अमेरिकी सेना ने शनिवार को भी तीन ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट किया था। ईरान ने चेतावनी दी थी कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक नया 'प्रवेश निषिद्ध क्षेत्र' घोषित करने की योजना बना रहा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
कोलंबिया की यात्रा के दौरान, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान के हमलों का जवाब देगा। उन्होंने कहा, 'ईरान लगातार अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।' इजराइल के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के लगातार जवाबी हमलों से और अधिक प्रतिशोध का खतरा बढ़ सकता है।