ईरान के मिसाइल हमले के जवाब में अमेरिका ने किया बड़ा हमला
अमेरिकी सेना का जवाबी हमला
बगदाद, 30 जुलाई (एपी) अमेरिकी सेना ने बृहस्पतिवार की सुबह जानकारी दी कि उसने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के मिसाइल हमले के प्रतिशोध में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में बताया कि दो घंटे के भीतर ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ के 12 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें सैन्य कमान केंद्र, मिसाइल और ड्रोन प्रतिष्ठान, तथा तटीय निगरानी और रक्षा स्थलों को शामिल किया गया। ये हमले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटे बाद किए गए, जिसमें उन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों के ठिकाने पर हमले के बाद ईरान पर कड़ा प्रहार करने का संकल्प व्यक्त किया था।
ईरान में हमलों के परिणाम
ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में केश्म द्वीप पर हुए हमलों में दो लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, खुजेस्तान प्रांत में भी विस्फोटों की सूचना मिली है। इस बीच, ब्रिटेन की एक समुद्री सुरक्षा कंपनी ‘एम्ब्रे’ ने कहा कि मिस्र के दमियाता बंदरगाह पर ड्रोन हमलों के कारण प्राकृतिक गैस ले जा रहे दो जहाजों में आग लग गई।
संघर्ष का बढ़ता खतरा
यह स्पष्ट नहीं हो सका कि अमेरिका के स्वामित्व वाले एक तैरते भंडारण केंद्र और यूनान के स्वामित्व वाले एक टैंकर पर हुए हमलों के लिए कौन जिम्मेदार था। इस दौरान किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हाल के दिनों में शांति रहने के बाद विभिन्न मोर्चों पर फिर से हिंसा भड़कने से पूर्ण युद्ध की वापसी का खतरा बढ़ गया है।
सऊदी अरब की स्थिति
अमेरिका का करीबी सहयोगी और क्षेत्रीय मध्यस्थ मिस्र उन कुछ पश्चिम एशियाई देशों में से एक है, जो इस युद्ध के दौरान सीधे सैन्य हमलों का शिकार नहीं हुए हैं। यदि यह पुष्टि होती है कि हमला ईरान या उसके सहयोगियों ने किया है, तो इसे संघर्ष के दायरे के बड़े विस्तार के रूप में देखा जाएगा। सऊदी अरब ने हाल के दिनों में अपने तेल प्रतिष्ठानों पर हुए ड्रोन हमलों के लिए इराकी मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री की मुलाकात
इस बीच, एक अधिकारी ने बताया कि सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने बुधवार को ट्रंप और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस से अलग-अलग मुलाकात की।