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ईरान के मिसाइल हमले पर ट्रंप की चेतावनी: "हम उन्हें बुरी तरह पीटेंगे"

मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है जब ईरान ने अमेरिकी सेना पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ट्रंप ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका 'उन्हें बुरी तरह पीटेगा'। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए ईरान ने अचानक हमले की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी सेना ने सभी मिसाइलों को रोक दिया। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अमेरिका जोरदार हमला करेगा। इस बीच, बातचीत का सिलसिला भी जारी है, लेकिन नए हमले के बाद स्थिति और भी जटिल हो गई है।
 

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है। मंगलवार रात को ईरान ने अमेरिकी सेना पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका 'उन्हें बुरी तरह पीटेगा' और 'करारी मार' देगा।


जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। इसे मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेना पर 'अचानक हमले की कोशिश' बताया गया।


रिपोर्टों के मुताबिक, निशाना जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डा था। हालांकि, अमेरिकी सेना ने दावा किया कि रात भर में दागी गई सभी मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। किसी भी मिसाइल को बेस तक पहुंचने नहीं दिया गया।


ट्रंप की चेतावनी

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए फोन इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने मिसाइलों को रोके जाने का लाइव फुटेज देखा। अमेरिकी सैनिक रियल टाइम में मिसाइलों को ट्रैक कर रहे थे और उनके कोऑर्डिनेट्स बता रहे थे। ट्रंप ने इसे 'त्वरित रक्षात्मक प्रतिक्रिया' बताया।


इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'हम उन्हें बुरी तरह पीटेंगे। हम उन पर जोरदार हमला करेंगे। उन्हें करारी मार झेलनी पड़ेगी।' ट्रंप ने ईरान समर्थित इराकी शिया मिलिशिया को भी निशाने पर लिया और उन्हें 'दुनिया के लिए कैंसर' कहा।


सऊदी अरब और इराकी मिलिशिया पर हमले

ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने सऊदी अरब और इराकी सरकार के साथ मिलकर रात में इन मिलिशिया के ठिकानों पर हमले किए। सऊदी अरब ने भी स्वीकार किया है कि उसने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित ग्रुप्स पर कार्रवाई की।


खाड़ी के कुछ अन्य देशों ने भी बंदर अब्बास के पास ईरानी ठिकानों को टारगेट करने में सीमित मदद की।


बातचीत का सिलसिला जारी

टकराव के बावजूद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक चैनल बंद नहीं हुए हैं। ट्रंप ने कहा, 'हम उन्हें बातचीत जारी रखने देंगे।' ये बातचीत 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बाद शुरू हुई थी, जब 13 दिनों तक लगातार अमेरिकी बमबारी हुई थी।


अब चर्चा होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित है। लेकिन इस नए मिसाइल हमले के बाद बातचीत का भविष्य अनिश्चित हो गया है। ईरान का हमला और अमेरिका की प्रतिक्रिया ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।


अमेरिकी सेना फिलहाल अलर्ट पर है और मिडिल ईस्ट में मौजूद सभी बेसों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी हमले का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार हैं।