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ईरान के साथ तनाव और इजराइल के चुनाव: क्या है स्थिति?

अमेरिका और इजराइल में चुनावों से पहले ईरान के साथ तनाव बढ़ रहा है। ईरान ने कहा है कि वह कूटनीति के लिए तैयार है, जबकि ट्रंप ने हमले की संभावना को खारिज किया है। इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हमलों की चेतावनी दी है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या ईरान पर हमला होगा।
 

ईरान के साथ कूटनीतिक प्रयास

अमेरिका और इजराइल में महत्वपूर्ण चुनावों से पहले ईरान के साथ संभावित युद्ध की चिंताओं के बीच, तेहरान ने कहा है कि वह अमेरिका को मध्यस्थों के माध्यम से संदेश भेज रहा है और कूटनीति के लिए तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि आज ईरान पर कोई हमला नहीं किया जाएगा। इस बीच, इजराइल के उच्चतम न्यायालय ने सरकार को रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति (आईसीआरसी) के साथ फलस्तीनियों की हिरासत की सूचियां साझा करने का आदेश दिया है।


ईरान की स्थिति

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने कूटनीतिक रास्ते बंद नहीं किए हैं और अमेरिका को संदेश भेजने का प्रयास जारी है। उन्होंने बताया कि वार्ता कई हफ्तों से ठप है। बघाई ने एक जर्मन प्रसारक को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका एकतरफा मांगों पर अड़ा हुआ है, जिसे ईरान स्वीकार नहीं करता।


ट्रंप का बयान

ट्रंप ने ईरान पर हमले की योजना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इस बारे में पहले से जानकारी देना मूर्खता होगी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि आज कोई हमला नहीं होगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि पिछले छह महीनों में 3,000 से अधिक वाणिज्यिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं।


इजराइल की चुनावी स्थिति

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आगामी चुनावों से पहले ईरान या उसके सहयोगियों द्वारा हमले की संभावना को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सेना रक्षा और हमले दोनों के लिए तैयार है। नेतन्याहू ने वीडियो संदेश में कहा कि संभावित हमले की तीव्रता अप्रत्याशित हो सकती है।


चुनावों से पहले की चिंताएं

चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू और सेना के प्रमुख के बीच ईरान से संबंधित एक राजनीतिक निर्देश को लेकर टकराव हुआ है, जिससे इजराइल में चिंता बढ़ गई है। नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट ने सेना प्रमुख का समर्थन किया, जिससे यह आशंका जताई गई कि नेतन्याहू सत्ता बनाए रखने के लिए ईरान पर हमला कर सकते हैं।


रेड क्रॉस की स्थिति

रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति ने पुष्टि की है कि उन्हें वेस्ट बैंक और गाजा से हिरासत में लिए गए फलस्तीनियों की सूचियां फिर से प्राप्त हो रही हैं। इजराइल के उच्चतम न्यायालय ने सरकार को ऐसी सूचियां साझा करने का आदेश दिया था। हालांकि, इजराइल ने अभी तक जेलों में निरीक्षण के लिए अनुमति नहीं दी है।