ईरान के सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार: मुज्तबा खामेनेई की अनुपस्थिति से बढ़ी चिंताएं
ईरान में अंतिम संस्कार की शुरुआत
नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार रविवार से शुरू हो गया है। तेहरान की इमाम खामेनेई ग्रैंड मोसाला मस्जिद में हजारों लोग श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन भाई मौजूद, मुज्तबा का न होना
सरकारी मीडिया ने एक तस्वीर जारी की है जिसमें अली खामेनेई के तीन बेटे मुस्तफा, मेसम और मसूद ताबूत के पास खड़े हैं, लेकिन मुज्तबा इस तस्वीर में नहीं दिखाई दिए। ईरानी अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट किया था कि मुज्तबा अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे।
इस समारोह में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़र क़ालिबाफ़, IRGC के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी और कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी समेत ईरान का पूरा नेतृत्व उपस्थित था।
मुज्तबा की स्थिति पर सवाल
56 वर्षीय मुज्तबा को आखिरी बार 28 फरवरी को देखा गया था, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था, जिसमें अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। खबरें हैं कि इस हमले में मुज्तबा गंभीर रूप से घायल हुए थे और उनका इलाज चल रहा है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि उन्हें नहीं पता कि मुज्तबा जीवित हैं या नहीं, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि मुज्तबा "किसी न किसी रूप में" जीवित हैं। ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
ईरानी अधिकारियों ने मुज्तबा की कोई नई तस्वीर या वीडियो जारी नहीं की है, जिससे अटकलें बढ़ गई हैं। अधिकारी केवल यह कह रहे हैं कि वह जीवित हैं।
तेहरान में जनसैलाब
रविवार को ईरान में सरकारी छुट्टी थी और तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ देखी गई। लोग अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने आए थे। कई लोग "बदला चाहिए" के नारे लगा रहे थे।
38 वर्षीय मिरेमादी ने AFP से कहा, "खामेनेई के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए। अगर नेता बातचीत की राह चुनेंगे तो जनता साथ नहीं देगी।" इतनी बड़ी भीड़ देखकर ट्रंप भी हैरान रह गए और उन्होंने कहा, "मुझे झटका लगा। मुझे लगता था लोग उनसे नफरत करते हैं।"
उत्तराधिकार की अनिश्चितता
मुज्तबा को लंबे समय से अली खामेनेई का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता रहा है। लेकिन हमले के बाद उनकी अनुपस्थिति और कोई जानकारी न मिलना ईरान की राजनीति में अनिश्चितता को बढ़ा रहा है। अंतिम संस्कार एक सप्ताह तक चलेगा, ऐसे में आने वाले दिनों में मुज्तबा के बारे में कोई आधिकारिक अपडेट आता है या नहीं, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।