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ईरान के सुप्रीम लीडर की लंदन प्रॉपर्टी: क्या है इसके पीछे की कहानी?

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से जुड़ी एक लग्जरी प्रॉपर्टी लंदन में चर्चा का विषय बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, इस संपत्ति को लगभग 153 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बनाई जा रही है। यह कदम लोन चुकता न कर पाने के कारण उठाया गया है। जानिए इस पेंटहाउस की विशेषताएँ, इसकी खरीदारी का इतिहास और अली अंसारी पर लगे प्रतिबंधों के बारे में।
 

लंदन में खामेनेई से जुड़ी संपत्ति की चर्चा


नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से संबंधित एक लग्जरी संपत्ति लंदन में सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यहां के दो भव्य अपार्टमेंट में से एक को लगभग 153 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बनाई जा रही है। यह निर्णय लोन चुकता न कर पाने के कारण लिया गया है।


पेंटहाउस की खरीदारी का इतिहास

सूत्रों के अनुसार, इनमें से एक शानदार पेंटहाउस को 2016 में लगभग 242.53 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। अब इसे लगभग 153.17 करोड़ रुपये की कीमत पर बिक्री के लिए पेश किया गया है। यह संपत्ति लंदन के प्रतिष्ठित 3A पैलेस ग्रीन क्षेत्र में स्थित है, जहां से केंसिंग्टन गार्डन का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है।


ब्रिटेन के सरकारी रिकॉर्ड में इस संपत्ति का नाम ईरानी बैंकर अली अंसारी के नाम पर दर्ज है। रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह प्रॉपर्टी इजरायली दूतावास के निकट है।


विशेषताएँ और बिक्री प्रक्रिया

यह संपत्ति लगभग 3,944 वर्गफुट में फैली हुई है और इसमें पांच बेडरूम वाला डुप्लेक्स शामिल है। यह छठी और सातवीं मंजिल पर स्थित है और इसमें स्टाफ के लिए कई सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इसकी बिक्री की जिम्मेदारी नाइट फ्रैंक और सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी को सौंपी गई है।


हालांकि, बिक्री के प्रचार में इस संपत्ति के राजनीतिक संबंधों का उल्लेख नहीं किया गया है। संभावित खरीदारों को संपत्ति से संबंधित सभी आवश्यक जांच करने की सलाह दी गई है।


दूसरे अपार्टमेंट की स्थिति

दूसरे अपार्टमेंट की कीमत अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह भी इसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। अली अंसारी द्वारा लोन का भुगतान न करने के कारण ब्रिटिश अधिकारियों ने संपत्ति की बिक्री की अनुमति दी है।


अली अंसारी पर प्रतिबंध

अली अंसारी को खामेनेई का एक प्रमुख फाइनेंसर माना जाता है। अमेरिका ने जुलाई में उन पर प्रतिबंध लगाए थे, जबकि ब्रिटेन ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आर्थिक सहायता देने के आरोप में कार्रवाई की है। हालांकि, अंसारी ने इन आरोपों का खंडन किया है।