ईरान के हमले के बाद दुबई में धुएं के गुबार, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा
ईरान के जवाबी हमले का असर
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद, ईरान ने खाड़ी देशों के आर्थिक केंद्रों पर हमला करना शुरू कर दिया है। हाल ही में जारी सैटेलाइट इमेजरी ने यह पुष्टि की है कि दुबई के प्रसिद्ध स्काईलाइन पर धुएं के गुबार छा गए हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों में तबाही का संकेत
'प्लैनेट लैब्स' द्वारा 24 फरवरी और 1 मार्च की तस्वीरों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि जबल अली पोर्ट, जो दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक है, में भीषण आग लगी है। सैटेलाइट विजुअल्स में पोर्ट के एक बर्थ से काला धुआं निकलता हुआ दिखाई दे रहा है।
मिसाइल का मलबा: अधिकारियों के अनुसार, यह आग तब लगी जब इज़राइली और अमेरिकी सुरक्षा प्रणालियों द्वारा इंटरसेप्ट की गई ईरानी मिसाइल का मलबा सीधे पोर्ट की सुविधाओं पर गिरा।
औद्योगिक क्षेत्र: दुबई के कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में भी आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं।
धमाकों की आवाजें और सुरक्षा उपाय
सैटेलाइट तस्वीरों की तुलना से यह पता चलता है कि पहले साफ आसमान की जगह धुएं के घने गुबार आ गए हैं, जो स्थानीय आग की लपटों को दर्शाते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने शहर के कुछ हिस्सों में तेज धमाके सुने और एयर-डिफेंस सिस्टम को सक्रिय होते देखा। इमरजेंसी सर्विस ने आग पर काबू पाने के लिए तेजी से कार्रवाई की।
ईरान का प्रतिशोध
धुआं तब देखा गया जब ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों का बदला लेने के लिए खाड़ी देशों की ओर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें लॉन्च कीं। हालांकि अधिकांश प्रोजेक्टाइल को रोक लिया गया, लेकिन गिरने वाले मलबे से दुबई के कुछ हिस्सों में नुकसान हुआ।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बुर्ज अल अरब और पाम जुमेराह जैसे प्रसिद्ध लैंडमार्क के पास के क्षेत्र प्रभावित हुए। तनाव बढ़ने के कारण शहर का माहौल असामान्य रूप से शांत रहा।
UAE की प्रतिक्रिया
UAE के मानव संसाधन मंत्रालय ने प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को सुरक्षा चिंताओं के चलते कर्मचारियों को रिमोटली काम करने की सलाह दी।
UAE ने ईरानी मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे "खतरनाक बढ़ोतरी" बताया है। इसके साथ ही, UAE ने तेहरान में अपनी एम्बेसी बंद करने और अपने एम्बेसडर को वापस बुलाने का निर्णय लिया।
UAE के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरानी हमले "देश की संप्रभुता का उल्लंघन" हैं और इससे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा है।
तनाव का बढ़ता स्तर
यह घटनाक्रम 28 फरवरी को ईरान पर इज़राइल और अमेरिका के संयुक्त मिसाइल हमले के बाद बढ़ते तनाव के बीच हुआ है।