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ईरान के हमले से बढ़ा तनाव, तीन भारतीय नागरिक घायल

ईरान के हालिया ड्रोन हमले ने यूएई में तनाव को बढ़ा दिया है, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। इस हमले के पीछे की रणनीतिक वजह और भारत की प्रतिक्रिया पर चर्चा की गई है। जानें इस घटनाक्रम के बारे में और कैसे यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को प्रभावित कर रहा है।
 

ईरान का हमला और उसके परिणाम

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सीजफायर की स्थिति अब गंभीर हो गई है, क्योंकि ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर हमले शुरू कर दिए हैं। इस ड्रोन हमले ने न केवल क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है, बल्कि भारत के लिए भी चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान का यह हमला यूएई के पुजेरा पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज क्षेत्र को निशाना बनाकर किया गया था। ड्रोन के टकराने से वहां एक ऑयल प्लांट में भीषण आग लग गई, जिससे आसमान में धुएं के गुब्बार उठने लगे और चारों ओर अफरातफरी मच गई। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थिति काफी गंभीर थी। उनकी एयर डिफेंस ने 12 बैलेस्टिक मिसाइलों, चार ड्रोन और तीन क्रूज मिसाइलों को रोकने में सफलता पाई, लेकिन इसके बावजूद तेल क्षेत्र में नुकसान हुआ। सबसे दुखद बात यह है कि इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। 


भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया

अबू धाबी में स्थित भारतीय दूतावास ने इस हमले पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुजेरा में हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। हम प्रभावित भारतीयों की उचित चिकित्सा देखभाल और उनके कल्याण के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। राहत की बात यह है कि इन तीन भारतीयों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब सवाल यह उठता है कि ईरान ने पुजेरा को निशाना क्यों बनाया? दरअसल, पुजेरा यूएई के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह उस पाइपलाइन का अंतिम छोर है जिसका उपयोग यूएई तब करता है जब उसे हुरमुस जलडमरूमध्य के रास्ते से बचना होता है। पुराने युद्धों के दौरान भी ईरान ने जब-जब हुरमुस के समुद्री रास्तों को रोकने की कोशिश की, तब इसी फजेरा पाइपलाइन ने यूएई के तेल व्यापार को बनाए रखा। इसलिए इस पर हमला करना सीधे तौर पर यूएई की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने जैसा है। 


यूएई में सुरक्षा स्थिति

हालांकि, कल का दिन यूएई के निवासियों के लिए काफी डरावना रहा। युद्ध विराम लागू होने के बाद पहली बार देश भर में आपातकालीन सायरन गूंजे। लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई। हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रण में बताकर सायरन बंद कर दिए गए। लेकिन इस घटना ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया। ईरान और यूएई के बीच इस टकराव के चलते, यूएई की एयर डिफेंस सिस्टम ने अब तक कुल 549 बैलेस्टिक मिसाइलें और लगभग 2000 से अधिक ड्रोन मार गिराए हैं। कुल मिलाकर, यह संघर्ष भले ही ईरान और अमेरिका के बीच का प्रतीत हो, लेकिन इसका प्रभाव पूरे मध्य पूर्व पर पड़ रहा है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब भारत इस संघर्ष से प्रभावित हुआ है। इससे पहले भी स्टेट ऑफ होर्मस में भारतीय व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा, ईरानी हमलों के कारण भारतीय नागरिकों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं, क्योंकि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम कर रहे हैं।