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ईरान के हमलों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों की कमजोरियां उजागर

हाल के ईरानी हमलों ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की कमजोरियों को उजागर किया है। अमेरिका के प्रमुख एयरबेसों पर हमलों ने उनकी सुरक्षा प्रणाली को चुनौती दी है। जानें कैसे ईरान ने अपने हमलों के माध्यम से अमेरिकी रडारों को नष्ट किया और इससे क्षेत्र में सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ा।
 

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की स्थिति

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 19 से 24 सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, जिनमें नौ प्रमुख एयरबेस शामिल हैं। क़तर का अल उदैद एयरबेस 10,000 अमेरिकी सैनिकों का ठिकाना है, जबकि यूएई का अलदफरा एयरबेस अमेरिकी सेना का सबसे महत्वपूर्ण ठिकाना माना जाता है। इसके अतिरिक्त, सऊदी अरब, कुवैत, जॉर्डन, तुर्की और बहरीन में भी अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं। हाल के दिनों में, ईरान ने इन ठिकानों को निशाना बनाते हुए अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है। ईरान का स्पष्ट संदेश है कि अमेरिका की किसी भी हिमाकत का वह मुंहतोड़ जवाब देगा।


ईरान के हमलों का प्रभाव

हाल ही में बहरीन में स्थित एआर327 लॉन्ग रेंज सर्विलांस रडार को नष्ट कर दिया गया है। यह रडार बहरीन के जबल आद दुखान एयरबेस पर तैनात था और इसका नष्ट होना अमेरिका और अरब देशों के लिए एक बड़ा झटका है। यह रडार क्षेत्र के अन्य डिफेंस सिस्टम को सहायता प्रदान करने, समुद्री निगरानी और मिडिल ईस्ट में बैलेस्टिक मिसाइलों को ट्रैक करने में सक्षम था। ईरान ने जियोकेटेड तस्वीरों के माध्यम से इस रडार के नष्ट होने का दावा किया है।


ईरान की रणनीति और अमेरिकी रडारों पर हमले

अमेरिका और अरब देशों के लिए यह झटका इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ईरान अब तक 14 से अधिक अमेरिकी रडारों को नष्ट कर चुका है। जानकारी के अनुसार, ईरान ने चार एएन टीपीy टू बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस रडारों को नष्ट किया है, जो थर्ड एयर डिफेंस सिस्टम के साथ काम करते हैं। इसके अलावा, एक एएनएफपीएस 132 रणनीतिक प्रारंभिक चेतावनी रडार को भी नुकसान पहुंचाया गया है। ईरान ने जिस पैमाने पर मिसाइलों का इस्तेमाल किया है, उसने अमेरिका और अन्य देशों के एयर डिफेंस सिस्टम को थका दिया है।


भविष्य की चुनौतियाँ

ईरान ने एआर327 रडार को खत्म करके लंबी दूरी के सेंसर कवरेज को कमजोर कर दिया है, जिससे बचाव करने वाले देशों के पास प्रतिक्रिया देने का समय कम रह जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, मिसाइलों और ड्रोन की पहचान करने की क्षमता भी घट जाएगी। इस प्रकार, खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा कवच की ताकत भी कम हो गई है।