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ईरान के हमलों से खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता

हाल के दिनों में ईरान ने खाड़ी देशों में कई महत्वपूर्ण नागरिक सुविधाओं पर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया है। कुवैत और बहरीन में बिजली और पानी के संयंत्रों को निशाना बनाया गया है, जिससे इन देशों की सुरक्षा और जल आपूर्ति पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। यूएई ने भी हमलों का जवाब देते हुए कई ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया है। इस स्थिति ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
 

खाड़ी देशों में ईरान के हमले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई है। कुवैत में बिजली उत्पादन और पानी को मीठा करने वाले संयंत्रों पर ड्रोन हमले हुए हैं। इसके अलावा, बहरीन की प्रमुख तेल रिफाइनरी भी हमले का शिकार बनी है। बहरीन सरकार ने बताया कि युद्ध की शुरुआत के बाद से उसने ईरान की 188 मिसाइलों और 466 ड्रोन हमलों को नाकाम किया है.


संयुक्त अरब अमीरात में हमले

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बोरौज पेट्रोकेमिकल प्लांट पर भी हमले के बाद आग लग गई। सऊदी अरब पर क्रूज मिसाइल से हमले की भी सूचना मिली है। बहरीन में एक अन्य पेट्रोकेमिकल कंपनी की कई इकाइयों पर भी ड्रोन से हमला हुआ। बहरीन की सरकारी कंपनी बीएपीसीओ एनर्जीज के तेल भंडार को भी निशाना बनाया गया.


कुवैत में नुकसान

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन की सुविधाओं पर ड्रोन हमले से बड़ा नुकसान हुआ है। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे हैं। कुवैत के बिजली-पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा अब्बास ने बताया कि हमले के कारण दो संयंत्रों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे बिजली उत्पादन की दो यूनिटें बंद हो गईं.


यूएई की रक्षा कार्रवाई

संयुक्त अरब अमीरात ने पिछले 24 घंटों में 10 मिसाइल और 50 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है। 28 फरवरी के बाद से, यूएई ने 24 क्रूज, 507 बैलेस्टिक मिसाइल और 2,191 ड्रोन को नष्ट किया है, जिसमें 10 लोगों की जान गई है.


ईरान का संदेश

28 फरवरी के युद्ध के बाद से, ईरान ने पहली बार खाड़ी देशों की नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया है। कुवैत में पानी मीठा करने वाले संयंत्रों पर हमले से गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है, क्योंकि कुवैत की 90 प्रतिशत पीने योग्य पानी की आपूर्ति इन्हीं संयंत्रों से होती है. यह हमला ईरान का एक संदेश भी हो सकता है कि वह भविष्य में और अधिक हमले कर सकता है.