ईरान को रूस और चीन से मिल रही तकनीकी सहायता, अमेरिका और इजराइल की चिंताएं बढ़ीं
ईरान को रूस और चीन से मिल रही तकनीकी सहायता ने अमेरिका और इजराइल की चिंताओं को बढ़ा दिया है। ईरान के विदेश मंत्री ने सहयोग की पुष्टि की है, जबकि रिपोर्ट्स में बताया गया है कि चीन का नया जीपीएस सिस्टम ईरानी मिसाइलों को अधिक प्रभावी बना रहा है। जानें कैसे ये देश ईरान को मदद कर रहे हैं और इसका प्रभाव युद्ध पर पड़ रहा है।
Mar 19, 2026, 19:31 IST
ईरान के हमलों से अमेरिका और इजराइल को नुकसान
हालांकि अमेरिका और इजराइल ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं, लेकिन ईरान के प्रतिरोध ने उन्हें चौंका दिया है। यह शक्ति ईरान को रूस और चीन से मिल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के हमले अमेरिका और इजराइल के हमलों की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री, अराशी ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने मित्र देशों के साथ सहयोग की पूरी जानकारी साझा नहीं कर सकते, लेकिन यह स्पष्ट किया कि उनका पुराना सहयोग आज भी जारी है।
रूस और चीन की भूमिका
हालांकि रूस और चीन ने ईरान पर हमले की निंदा की है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि वे सीधे सैन्य सहायता नहीं दे रहे हैं। इस स्थिति में, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के युद्ध में इन देशों की भूमिका तकनीकी है। चीन ने ईरान को एक नया नेविगेशन सिस्टम प्रदान किया है, जिससे ईरानी मिसाइलें अपने लक्ष्यों को सटीकता से हिट कर रही हैं।
ईरान की नई तकनीक
पिछले साल ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के दौरान अमेरिका ने ईरानी मिसाइलों को भटका दिया था। लेकिन अब ईरान को चीन का जीपीएस सिस्टम मिल गया है, जिससे अमेरिकी सेना को हस्तक्षेप करने में कठिनाई हो रही है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रूस ने अपनी एक सेटेलाइट ईरान को दी है, जो इजराइली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें प्रदान कर रही है। इस तकनीकी सहायता के माध्यम से, ईरान को अपने सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण लाभ मिल रहा है।