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ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले का वीडियो जारी किया: जानें हमले की पूरी कहानी

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमले का वीडियो जारी किया है, जिसमें 5 एडवांस बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया गया। इस हमले को ईरान की बढ़ती सैन्य ताकत के रूप में देखा जा रहा है। जानें किस प्रकार की मिसाइलें इस्तेमाल की गईं और हमले का तरीका क्या था। यह घटना क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।
 

ईरान का मिसाइल हमला


नई दिल्ली: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को अमेरिकी बलों पर किए गए हमलों का एक वीडियो साझा किया है। इस हमले में ईरान ने अपनी पांच अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच यह हमला ईरान की सैन्य शक्ति का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन माना जा रहा है।


कौन सी 5 मिसाइलें इस्तेमाल की गईं

IRGC ने इस हमले में क़द्र, एमाद, खैबर शेकन, फतेह-110 और जोल्फागार मिसाइलों का उपयोग किया। इनमें ठोस और तरल ईंधन वाली दोनों प्रकार की मिसाइलें शामिल हैं, जो सभी सटीक निशाना लगाने में सक्षम हैं।


मिसाइलों की विशेषताएँ और रेंज

क़द्र मिसाइल: यह मध्यम दूरी की मिसाइल है, जिसकी रेंज 1800 से 2000 किमी तक है। यह 650 से 1000 किलो तक का वॉरहेड ले जा सकती है और ठोस तथा तरल ईंधन दोनों का उपयोग करती है।


एमाद मिसाइल: इसकी रेंज लगभग 1700 किमी है और यह 750 किलो का पेलोड ले जा सकती है। इसकी खासियत MARV (मैन्यूवरेबल री-एंट्री व्हीकल) है, जो लक्ष्य के करीब पहुंचकर दिशा बदल सकती है।


खैबर शेकन: यह ठोस ईंधन वाली तेज मिसाइल है, जिसकी रेंज 1450 किमी है और वॉरहेड 450-600 किलो है। यह मैन्यूवरेबल वॉरहेड के कारण दुश्मन की मिसाइल डिफेंस को भेद सकती है।


फतेह-110: यह छोटी दूरी की मिसाइल है, जिसकी रेंज 300 किमी है और वॉरहेड 450-500 किलो है। इसे तुरंत दागा जा सकता है।


जोल्फागार: यह फतेह परिवार की अपग्रेडेड मिसाइल है, जिसकी रेंज 700 किमी है और यह सबमुनिशन वॉरहेड ले जाने की क्षमता रखती है।


हमले का तरीका

IRGC के अनुसार, यह हमला जॉर्डन और बहरीन जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया। ठोस ईंधन वाली मिसाइलें तुरंत तैयार हो गईं, जबकि तरल ईंधन वाली मिसाइलों ने लंबी दूरी तय की। वीडियो में मिसाइलों को लॉन्च करते और टारगेट पर गिरते हुए दिखाया गया है।


अमेरिका के पास पैट्रियट जैसी एयर डिफेंस प्रणाली हैं, लेकिन मैन्यूवरेबल वॉरहेड और एक साथ कई मिसाइलों का हमला इन प्रणालियों को चुनौती देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और तेल की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। IRGC का वीडियो जारी करना घरेलू जनता को संदेश देने और अपनी शक्ति प्रदर्शित करने की रणनीति भी है। ईरान ने विभिन्न रेंज की मिसाइलों से यह साबित किया है कि उसके पास हर प्रकार के लक्ष्यों के लिए विकल्प मौजूद हैं।