ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, होर्मुज जलडमरूमध्य पर दी चेतावनी
तनाव में वृद्धि
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने रविवार को यह दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसे एक अमेरिकी ड्रोन को नष्ट कर दिया है। ईरान का कहना है कि यह ड्रोन उसके क्षेत्र में एक "शत्रुतापूर्ण मिशन" को अंजाम देने का प्रयास कर रहा था।
ड्रोन की पहचान
ईरानी मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी ने बताया कि उनकी निगरानी प्रणालियों ने ड्रोन की गतिविधियों को समय पर पकड़ लिया, जिसके बाद वायु रक्षा इकाइयों ने उसे मिसाइलों से नष्ट कर दिया। ईरान ने इस ड्रोन को अमेरिकी सेना के एमक्यू-1 ड्रोन के रूप में पहचाना है।
आईआरजीसी का आरोप है कि यह ड्रोन बिना अनुमति के ईरानी हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ था और संवेदनशील गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पहले के दावे
पहले भी किया गया दावा
आईआरजीसी ने पहले भी यह दावा किया था कि उसने एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया था। इसके अलावा, ईरान ने कहा था कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले एक लड़ाकू विमान पर भी कार्रवाई की थी। यह घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर चेतावनी
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चेतावनी जारी
इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य, जो कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि इस क्षेत्र में आने-जाने वाले सभी व्यापारिक और नौसैनिक जहाजों को निर्धारित समुद्री नियमों का पालन करना होगा।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का संचालन और सुरक्षा उसकी सशस्त्र सेनाओं के नियंत्रण में है। अधिकारियों ने कहा कि जहाजों को तय मार्गों से ही गुजरना होगा और आवश्यक अनुमति भी लेनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को सुरक्षा संबंधी जोखिमों और संभावित कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।