ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत को रोका, ट्रंप ने सुरक्षा का आश्वासन दिया
ईरान ने एक अमेरिकी युद्धपोत को होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने से रोकने का दावा किया है, जबकि अमेरिका ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य फंसे हुए विदेशी जहाजों की सहायता करना है। इस बीच, ईरान की नौसेना और अमेरिकी अधिकारियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
May 4, 2026, 18:48 IST
ईरान का दावा और अमेरिकी प्रतिक्रिया
ईरान ने जानकारी दी है कि उसने एक अमेरिकी युद्धपोत को होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने से रोक दिया है। हालांकि, एक अमेरिकी अधिकारी ने इस दावे का खंडन किया है कि उस पर ईरानी मिसाइलों से हमला किया गया था। ईरान की नौसेना ने कहा कि उसने "त्वरित और निर्णायक चेतावनी" देकर अमेरिकी युद्धपोतों को इस क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका। ईरान की एक समाचार एजेंसी ने बताया कि जास्क बंदरगाह के पास युद्धपोत पर दो मिसाइलें दागी गईं, लेकिन एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने इस रिपोर्ट को तुरंत नकार दिया।
ट्रंप का सुरक्षा अभियान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना सोमवार से होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे अन्य देशों के जहाजों को सुरक्षित निकालने में मदद करेगी। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप गंभीर परिणामों का सामना कर सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य उन विदेशी जहाजों की सहायता करना है जो पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम से प्रभावित नहीं हैं। ट्रंप ने बताया कि इनमें से कई जहाजों में आवश्यक वस्तुओं की कमी हो रही है।
सुरक्षा अभियान का विवरण
यूएस सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत उन वाणिज्यिक जहाजों की मदद की जाएगी जो इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग से स्वतंत्र रूप से गुजरना चाहते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का एक-चौथाई हिस्सा गुजरता है। सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि इस रक्षात्मक अभियान में सहयोग आवश्यक है। 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में अमेरिका की सैन्य सहायता के तहत निर्देशित मिसाइल विध्वंसक, 100 से अधिक विमान और 15,000 सैन्यकर्मी शामिल होंगे।
जलडमरूमध्य की स्थिति
ओमान और ईरान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य 28 फरवरी से बंद है, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था। ट्रंप ने कहा कि जहाजों की आवाजाही का उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है जिन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। यह अमेरिका, पश्चिम एशियाई देशों और विशेष रूप से ईरान की ओर से एक मानवीय पहल है।