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ईरान ने अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ 30,000 डॉलर का इनाम घोषित किया, तनाव बढ़ा

ईरान ने एक वरिष्ठ कमांडर के माध्यम से अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए 30,000 डॉलर का इनाम घोषित किया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति और बढ़ गई है। इस घोषणा के बाद, ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता ठप हो गई है। USS Lincoln की तैनाती और लेबनान में इजरायली हमलों की घटनाएं भी इस क्षेत्र में तनाव को बढ़ा रही हैं। गाजा में सीजफायर को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन ईरान के इस नए ऐलान ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
 

मध्य पूर्व में तनाव की नई लहर


नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव फिर से उभर आया है। ईरान के एक उच्च-ranking कमांडर ने रविवार को यह घोषणा की कि जो भी ईरानी लड़ाका किसी अमेरिकी सैनिक को मारता या पकड़ता है, उसे 30,000 डॉलर (लगभग 28 लाख रुपये) का इनाम दिया जाएगा।


अमीर हातमी का बयान

"उचित उपहार देंगे" - अमीर हातमी


तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ अमीर हातमी ने 16 अगस्त को तेहरान में एक कार्यक्रम में यह बात कही। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हातमी ने कहा, "जो भी ईरानी किसी अमेरिकी सैनिक को पकड़ता है या मारता है, उसे ईरानी लोगों की तरफ से 30,000 डॉलर का इनाम मिलेगा। हम उचित उपहार देंगे।"


उनके अनुसार, यह राशि लगभग 5 अरब तोमान के बराबर है। यह बयान उस समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता पूरी तरह से ठप हो चुकी है। होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों की आवाजाही भी बाधित है और युद्ध समाप्त करने के कोई ठोस संकेत नहीं मिल रहे हैं।


USS Lincoln की तैनाती

240 दिन से समुद्र में है USS Lincoln


इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने अरब सागर में तैनात विमानवाहक पोत USS Lincoln का दौरा किया। यह पोत जनवरी से मध्य पूर्व में तैनात है और ईरान के खिलाफ नाकेबंदी में शामिल है।


USS Lincoln ने 240 दिनों से अधिक समय तक लगातार समुद्र में रहने का रिकॉर्ड बनाया है। जहाज पर 5000 से अधिक नाविक और मरीन तैनात हैं। लगातार तैनाती के कारण जहाज पर मानसिक स्वास्थ्य और आवश्यक सामानों की कमी की भी खबरें आई हैं।


लेबनान में इजरायली हमले

लेबनान में इजरायली हमले, 11 की मौत


रविवार को मध्य पूर्व में कई घटनाएं हुईं। दक्षिणी लेबनान में इजरायल के दो हवाई हमलों में कम से कम 11 लोग मारे गए। इजरायली सेना ने दावा किया कि निशाना हिजबुल्लाह के दो वरिष्ठ कमांडर अबू हसन अला और अली समीर अल-हज हसन थे। यह हमला जून में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच हुए युद्धविराम के बाद सबसे घातक माना जा रहा है।


गाजा में बातचीत जारी

गाजा पर भी बातचीत जारी


गाजा में सीजफायर को लेकर हमास का एक प्रतिनिधिमंडल काहिरा में मिस्र के अधिकारियों से बातचीत कर रहा है। लेकिन ईरान के नए ऐलान के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की संभावना है। ईरान का यह इनाम वाला बयान सीधे तौर पर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने का इशारा करता है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में पहले से मौजूद टकराव और गहरा सकता है।