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ईरान ने भारत की ओर आ रहे जहाज पर किया कब्जा, युद्धविराम की स्थिति में बदलाव

ईरान ने एक लाइबेरिया के झंडे वाले कंटेनर शिप पर कब्जा कर लिया है, जो भारत की ओर आ रहा था। अमेरिका ने पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम को बढ़ाने का निर्णय लिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान को ठोस प्रस्ताव देने तक नाकेबंदी जारी रहेगी। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

ईरान ने कंटेनर शिप पर कब्जा किया


लाइबेरिया के झंडे वाला कंटेनर शिप, एपामिनोडेस, ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा कब्जे में लिया गया है। यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट से भारत की दिशा में आ रहा था और इसे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचना था। ईरान ने आरोप लगाया है कि यह जहाज बिना अनुमति के होर्मुज से गुजरने का प्रयास कर रहा था। ईरानी नौसेना का कहना है कि जहाज के नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हुआ।


इजराइल से जुड़े जहाजों पर भी कार्रवाई

इस कार्रवाई के दौरान, आईआरजीसी ने जहाज को इंटरसेप्ट कर अपने नियंत्रण में लिया और इसे तट की ओर ले जाया। इसके अलावा, इजराइल से संबंधित एक अन्य जहाज, फ्रांसेस्का, को भी जब्त किया गया है। इसके साथ ही, यूफोरिया नामक जहाज पर भी हमला किया गया। इससे पहले, खबरें आई थीं कि एक जहाज पर ईरान ने फायरिंग की, जबकि दूसरा ओमान के तट के पास हमले में क्षतिग्रस्त हुआ था।


पाकिस्तान की अपील पर युद्धविराम बढ़ाया गया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने बताया कि पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम को बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कितने दिनों के लिए बढ़ाया गया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान में वर्तमान में नेतृत्व और सरकार में एकजुटता की कमी है।


इस समय, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने ट्रम्प से ईरान पर कुछ समय के लिए हमले रोकने की अपील की, ताकि ईरान को साझा प्रस्ताव तैयार करने का समय मिल सके। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को फिलहाल हमले रोकने का आदेश दिया है।


नाकेबंदी जारी रहेगी

ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना को पूरी तरह तैयार रहने के लिए कहा गया है। इस दौरान, ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्धविराम तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान ठोस और एकजुट प्रस्ताव नहीं देता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, चाहे उसका परिणाम कुछ भी हो।