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ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से दी छूट, जानें क्यों?

ईरान ने हाल ही में भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से गुजरने की पाबंदियों से छूट दी है। यह निर्णय अमेरिका में ट्रंप के लिए एक बड़ा झटका आने के बाद लिया गया है। ईरान का कहना है कि यह छूट इन देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए है। जानें इस छूट का उद्देश्य, ट्रांजिट शुल्क की जानकारी और भारत के लिए होर्मुज जलमार्ग का महत्व क्या है।
 

अमेरिका में ट्रंप को बड़ा झटका


नई दिल्ली: हाल ही में अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेट्स ने फिर से अमेरिकी संसद पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। इसी बीच, ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से संबंधित पाबंदियों से मुक्त कर दिया है।


ईरान की नई नीति

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात-मोघद्दम ने बताया कि इन चार देशों के जहाज अब इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से बिना किसी रुकावट के गुजर सकते हैं और अमेरिका भी इन्हें नहीं रोकता है।


छूट का कारण

हयात-मोघद्दम ने एक ईरानी न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत, चीन, इराक और कतर को होर्मुज से गुजरने की पाबंदियों से छूट देने का उद्देश्य इन देशों के साथ ईरान के संबंधों को मजबूत करना है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत से दवाओं का आयात करने के लिए भारतीय जहाजों को सुविधा दी जा रही है, जबकि चीन को राजनीतिक समर्थन प्राप्त करने के लिए छूट दी गई है।


ट्रांजिट शुल्क की जानकारी

हयात-मोघद्दम ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान भारतीय और चीनी जहाजों से ट्रांजिट शुल्क लेता है, जबकि कतर के जहाजों को बिना शुल्क के गुजरने की अनुमति है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इराक के जहाजों को शुल्क देना होगा या नहीं।


भारत के लिए होर्मुज का महत्व

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 90% आयात करता है, जिसमें से करीब 30% हिस्सा होर्मुज जलमार्ग से आता है। पहले यह आंकड़ा 70% था, लेकिन पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत ने रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और UAE से तेल खरीदकर अपनी निर्भरता कम कर दी है। फिर भी, भारत का 90% LPG आयात अभी भी इसी मार्ग से होता है। कतर और UAE से आने वाले LNG का 50% से अधिक हिस्सा भी इसी रास्ते से गुजरता है। खाद के आयात के लिए भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। होर्मुज जलमार्ग से दुनिया के समुद्री तेल का लगभग 25% गुजरता है।


जहाजों पर हमले और भारतीयों की मौत

यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब होर्मुज में जहाजों पर प्रतिबंध जारी हैं। यूरोपीय संघ का कहना है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने एक व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत जहाजों को अपनी पहचान, कार्गो और गंतव्य बताना होगा। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, फरवरी से अगस्त के बीच व्यापारिक जहाजों पर कम से कम 70 हमले हुए, जिनमें 19 नाविक मारे गए। इस संघर्ष में अब तक 24 भारतीय मारे गए हैं, जिनमें 15 नाविक शामिल हैं।