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ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद किया, इजरायल के हमलों के बीच तनाव बढ़ा

ईरान ने इजरायल की बमबारी के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है, जिसे अमेरिका के साथ हुए समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है। लेबनान में इजरायली हमलों में कई लोग मारे गए हैं, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि आक्रामकता जारी रही, तो वह और कदम उठाएगा। जानें इस जटिल स्थिति का क्या असर होगा।
 

ईरान का निर्णय

लेबनान में इजरायल की तीव्र बमबारी के बाद, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने का निर्णय लिया है। ईरान का कहना है कि इजरायल का यह हमला अमेरिका के साथ हुए समझौते का उल्लंघन है। दूसरी ओर, अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है।


लेबनान में इजरायली हमले का प्रभाव

इस बीच, लेबनान में इजरायल के हमलों में 22 लोगों की जान चली गई है। शुक्रवार को, इजरायली रक्षा बलों ने 150 से अधिक स्थानों पर बमबारी की, जिसमें 47 लोग मारे गए। लेबनान में इजरायल के बढ़ते हमले अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को खतरे में डाल रहे हैं, क्योंकि यह समझौता इजरायली सैनिकों की दक्षिणी लेबनान से वापसी की शर्त पर आधारित है।


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान के खातम-अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने सरकारी टीवी पर कहा, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद किया जाएगा। यह कदम दुश्मन द्वारा किए गए वादे के उल्लंघन का जवाब है। यदि आक्रामकता जारी रहती है, तो हम आगे के कदम उठाएंगे।'


युद्धविराम और उसके परिणाम

अमेरिका के दबाव के बाद, इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच शुक्रवार शाम को युद्धविराम लागू हुआ, लेकिन यह कुछ ही घंटों में टूट गया। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर ड्रोन और फाइटर जेट से बमबारी की। लेबनान की नागरिक रक्षा एजेंसी के अनुसार, नबातीह जिले में सबसे अधिक 16 लोगों की मौत हुई है।


परिवारों पर असर

बेका घाटी में भी इजरायली हमले की खबरें आई हैं, जहां एक व्यक्ति की जान गई। वहीं, बेरूत के दक्षिण में टायर जिले में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत इजरायली हमले में हुई है। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के एक बड़े क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है।


समझौते की स्थिति

समझौते के अनुसार, ईरान न केवल इजरायली सैनिकों की वापसी चाहता है, बल्कि हमलों को भी रोकने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका ने इजरायल पर दबाव डाला है, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी स्थिति में अपनी सेना को लेबनान से वापस नहीं बुलाएगा।