ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर प्रवेश निषिद्ध क्षेत्र की योजना बनाई
ईरान का नया सुरक्षा कदम
काहिरा, सात सितंबर (एपी) - ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए प्रमुख मोहसिन रेजाई ने रविवार को घोषणा की कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक 'प्रवेश निषिद्ध क्षेत्र' स्थापित करने की योजना बना रहा है। यह क्षेत्र उन जहाजों की निगरानी या रोकथाम के लिए होगा, जिन पर ईरान को संदेह है कि वे जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास कर रहे हैं। रेजाई ने यह जानकारी ईरान के सरकारी प्रसारक से साझा की।
अमेरिका की कार्रवाई और ईरान की प्रतिक्रिया
हालांकि, उन्होंने इस योजना के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी। उनके बयान से एक दिन पहले अमेरिका ने तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया था, जो ईरान द्वारा अमेरिकी युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के जवाब में किया गया था। विशेषज्ञों ने इन मिसाइल हमलों को तनाव बढ़ाने वाला एक खतरनाक कदम बताया है।
नए क्षेत्र की घोषणा
रेजाई ने कहा कि नए क्षेत्र की घोषणा जल्द ही की जा सकती है। उन्होंने बताया, 'यह क्षेत्र अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी की सीमा से शुरू होगा, होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ेगा और फारस की खाड़ी तक फैलेगा। जो भी जहाज इस क्षेत्र में प्रवेश करेगा और जिसकी पहचान हो जाएगी, उसे हमारी प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा।' यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान अमेरिकी नाकाबंदी की सीमा को किस स्थान पर मानता है।
अमेरिकी नाकाबंदी का प्रभाव
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों को निशाना बनाने और उसे अपने तेल का निर्यात रोकने के लिए यह नाकाबंदी की है। अमेरिकी सेना ने बताया है कि 20 से अधिक युद्धपोत इस नाकाबंदी में सहायता कर रहे हैं। रविवार तक, इसके कारण 92 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया है और तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया है।
संघर्ष की स्थिति
संघर्ष रोकने की बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए नए कदम उठा रहा है। इस बीच, ईरान जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे कुछ जहाजों पर हमले जारी रखे हुए है। युद्ध में होर्मुज जलडमरूमध्य तेहरान के लिए दबाव बनाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है।
ईरान का दावा
यह युद्ध अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए जाने के साथ शुरू हुआ था। ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे एक अमेरिकी मानवरहित जहाज पर हमला किया। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे को 'पूरी तरह झूठ' बताया।