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ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो कंटेनर जहाजों को जब्त किया

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो कंटेनर जहाजों को जब्त किया है, जिनमें से एक भारत के गुजरात की ओर बढ़ रहा था। IRGC ने कहा कि ये जहाज बिना अनुमति के चल रहे थे और उनके नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है। भारत के लिए यह घटना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भारत-ईरान व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है।
 

ईरान की नौसेना की कार्रवाई

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो कंटेनर जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया। इनमें से एक जहाज भारत के गुजरात की ओर बढ़ रहा था। IRGC ने बताया कि ये जहाज बिना आवश्यक परमिट के चल रहे थे और उनके नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया था।


गुजरात की ओर बढ़ रहा जहाज

पहला जहाज EPAMINONDAS है, जो लाइबेरिया के झंडे तले चल रहा है। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, यह दुबई के जेबेल अली बंदरगाह से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह की ओर जा रहा था। जहाज की लंबाई लगभग 300 मीटर और चौड़ाई 42.8 मीटर है। दूसरा जहाज MSC-FRANCESCA है, जो पनामा के झंडे तले चल रहा है और श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। IRGC ने इसे 'जियोनिस्ट रिजीम' से जोड़ा है।


बिना अनुमति के संचालन

IRGC की नौसेना ने प्रेस टीवी के माध्यम से कहा कि दोनों जहाज बिना अनुमति के चल रहे थे और उनके नेविगेशन सिस्टम में हेराफेरी की जा रही थी, जिससे समुद्री सुरक्षा प्रभावित हो रही थी। बयान में कहा गया है कि 'IRGC नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य पर बुद्धिमत्तापूर्ण नियंत्रण रखती है।' किसी भी गतिविधि जो ईरान के समुद्री नियमों का उल्लंघन करती है, उसे सख्ती से निगरानी में रखा जाएगा।


मध्य पूर्व में तनाव

यह घटना उस समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि पाकिस्तान के मध्यस्थता के अनुरोध पर ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है। ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व से शांति प्रस्ताव मांगा है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड जारी रखा है।


भारत के लिए महत्वपूर्ण

यह घटना भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि EPAMINONDAS जहाज गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह की ओर जा रहा था, जो भारत का एक प्रमुख व्यापारिक बंदरगाह है। इस घटना का भारत-ईरान व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, भारत सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।


ईरान की स्थिति

IRGC ने दोबारा स्पष्ट किया है कि कोई भी देश या जहाज ईरान के नियमों का उल्लंघन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करेंगे। दोनों जहाजों को ईरानी तट पर ले जाकर जांच की जाएगी।


निष्कर्ष

यह घटना ईरान के मजबूत नियंत्रण को दर्शाती है। व्यापारिक जहाजों को अब सतर्क रहना होगा, और इसका असर भारत, श्रीलंका और अन्य देशों के व्यापार पर पड़ सकता है। अभी तक दोनों जहाजों के चालक दल की स्थिति के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं आई है। IRGC ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।