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ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सीजफायर तक खुला रखने का किया ऐलान

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सीजफायर जारी रहने तक खुला रखने की घोषणा की है, जबकि अमेरिकी नौसेना के ब्लॉकेड को लेकर चेतावनी भी दी है। हाल ही में फ्रांस और ब्रिटेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में लगभग 40 देशों के नेताओं ने इस मुद्दे पर चर्चा की। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस निर्णय का स्वागत किया है। बैठक में सुरक्षा और व्यापार सुनिश्चित करने के लिए एक बहुराष्ट्रीय बल भेजने पर विचार किया गया। यूरोपीय नेता चिंतित हैं कि ब्लॉकेड जारी रहने पर महंगाई और अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
 

ईरान का होर्मुज स्ट्रेट पर निर्णय

ईरान ने घोषणा की है कि होर्मुज स्ट्रेट को तब तक खुला रखा जाएगा जब तक सीजफायर जारी है। हालांकि, अमेरिकी नौसेना के ब्लॉकेड के संदर्भ में ईरान ने चेतावनी दी है कि वह स्ट्रेट को बंद कर सकता है। 


हाल ही में फ्रांस और ब्रिटेन की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें लगभग 40 देशों के नेता शामिल हुए। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बात की और इजरायल-लेबनान सीजफायर तथा होर्मुज स्ट्रेट के खुलने के निर्णय का स्वागत किया।


मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने इमैनुएल मैक्रों और कीर स्टार्मर के साथ होर्मुज स्ट्रेट पर सुरक्षा और आर्थिक स्थिति के बारे में चर्चा की, जिसमें वैश्विक समुद्री ट्रैफिक, ऊर्जा बाजार और आवश्यक सप्लाई चेन में रुकावटें शामिल हैं। उन्होंने इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर और ईरान द्वारा स्ट्रेट को फिर से खोलने की घोषणा का स्वागत किया।


पीएम कार्नी ने कहा कि कनाडा उन खाड़ी साझेदारों के साथ खड़ा है, जिन्होंने हाल ही में बदले की कार्रवाई और आर्थिक दबाव का सामना किया है। उन्होंने फ्रांस और ब्रिटेन की कोशिशों का स्वागत किया, जो इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”


ब्रिटेन और फ्रांस ने लगभग 40 देशों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर बातचीत की। इस बातचीत की मेज़बानी ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने की।


इस बैठक पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुस्सा व्यक्त किया। उन्होंने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि अब जब होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति खत्म हो गई है, तो उन्हें नाटो से एक कॉल आया जिसमें पूछा गया कि क्या उन्हें मदद चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक वे केवल अपने जहाजों में तेल भरने के लिए नहीं आना चाहते, तब तक उन्हें दूर रहने को कहा।


इस मीटिंग में यूरोपीय देशों के लगभग 30 नेताओं के साथ-साथ एशियाई और मध्य पूर्व के देशों के नेता भी शामिल हुए। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी भी इस समिट में उपस्थित थीं।


फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच मौजूदा सीजफायर के बीच होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा और व्यापार सुनिश्चित करने के लिए एक बहुराष्ट्रीय बल भेजने पर विचार किया गया।


यूरोपीय नेता चिंतित हैं कि यदि ब्लॉकेड जारी रहा, तो जेट फ्यूल की कमी, महंगाई और फ्लाइट कैंसलेशन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।


बैठक के बाद, मैक्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजफायर के दौरान स्ट्रेट को खुला रखने के ईरान के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह सही दिशा में एक कदम है। मैक्रों ने यह भी बताया कि होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा के लिए अगले हफ्ते लंदन में एक मीटिंग होगी।


उन्होंने सभी पक्षों से होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत, बिना किसी शर्त के और पूरी तरह से फिर से खोलने की मांग की। उन्होंने दोनों देशों के बीच पहले लागू फ्री पैसेज की शर्तों को फिर से शुरू करने और समुद्र के कानून का पूरा सम्मान करने की अपील की।