ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर फिर से पाबंदियां लगाईं
ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर फिर से पाबंदियां लगाने का निर्णय लिया है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद आया है। ईरान की सैन्य कमान ने अमेरिका पर अपने वादे का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। जलडमरूमध्य की आवाजाही अब ईरान के सशस्त्र बलों की निगरानी में होगी, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा की कीमतों पर प्रभाव पड़ सकता है। इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की उम्मीदें भी बनी हुई हैं।
Apr 18, 2026, 15:59 IST
ईरान का नया निर्णय
ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने के अपने पूर्व निर्णय से पीछे हटना पड़ा है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी पूरी ताकत से जारी रहेगी।
अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया
ईरान की सैन्य कमान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाजों को रोककर अपने वादे का उल्लंघन किया है। एक कड़े बयान में कहा गया है कि जलडमरूमध्य से आवाजाही तब तक कड़ी निगरानी में रहेगी, जब तक अमेरिका ईरान के जहाजों को स्वतंत्रता नहीं देता। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब यह जलडमरूमध्य ईरान के सशस्त्र बलों की कड़ी निगरानी में रहेगा, जिसका अर्थ है कि जहाजों की आवाजाही सीमित और नियंत्रित होगी, जो परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
जलमार्ग का हालिया इतिहास
हाल ही में, ईरान ने संघर्ष-विराम के बाद कमर्शियल शिपिंग के लिए जलमार्ग को फिर से खोला था। इससे पहले, ईरान ने कहा था कि संघर्ष-विराम के दौरान जहाज निर्धारित मार्गों से गुजर सकते हैं। तनाव के बावजूद, कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का एक नया दौर जल्द ही इस्लामाबाद में होने की उम्मीद है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन चर्चाओं से स्थिति को सामान्य करने में मदद मिलेगी, हालांकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति पर अड़े हुए हैं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों में से एक है, विशेष रूप से तेल की शिपिंग के लिए। यहाँ किसी भी प्रकार की पाबंदी या रुकावट से वैश्विक बाजार और ऊर्जा की कीमतों पर प्रभाव पड़ सकता है।