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ईरान पर अमेरिका-इज़राइल की संयुक्त हवाई हमले की स्थिति

हाल ही में अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं, जिसे 'शील्ड ऑफ़ जूडा' कहा गया है। इस हमले के कारण ईरान में संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं और ईरान के सर्वोच्च नेता को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। इज़राइल ने आपातकाल की स्थिति घोषित की है और नागरिक उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। जानें इस हमले के पीछे की वजहें और ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में।
 

ईरान पर हवाई हमलों का प्रभाव

अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों को 'शील्ड ऑफ़ जूडा' का नाम दिया गया है। अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि वह इन हवाई हमलों में शामिल थी। इस हमले के कारण ईरान में संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं, जिससे पूर्वी और पश्चिमी तेहरान के कुछ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क ठप हो गया है, और कई स्थानों पर इंटरनेट सेवा भी प्रभावित हुई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई तेहरान में मौजूद नहीं हैं और उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। अमेरिका-इज़राइल के इस संयुक्त हमले के बाद, इज़राइल ने आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है और चेतावनी दी है कि ईरान जल्द ही मिसाइलों और ड्रोन के माध्यम से जवाबी हमला कर सकता है।


इज़राइल की सुरक्षा उपाय

इज़राइल के परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने बताया कि देश का हवाई क्षेत्र नागरिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया है। स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है, सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, और कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी गई है। इज़राइल ने शनिवार को ईरान पर एक निवारक मिसाइल हमला किया, जिससे तेहरान में जोरदार विस्फोट सुनाई दिए। यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य टकराव की चिंताओं के बीच हुआ। रॉयटर्स के अनुसार, स्थानीय मीडिया ने बताया कि तेहरान के यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जोम्हौरी क्षेत्र में कई मिसाइलें गिरीं, जबकि शहर के डाउनटाउन में पाश्चर स्ट्रीट के पास धुएं का घना गुबार देखा गया।