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ईरान पर हमले की चेतावनी: ट्रंप और पुतिन की बातचीत से बढ़ा तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की चेतावनी दी है, जबकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए संघर्ष विराम की आवश्यकता पर जोर दिया है। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में ईरान के प्रति समर्थन और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की कोशिशों पर चर्चा की गई। जानें इस तनावपूर्ण स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
 

ट्रंप की चेतावनी और पुतिन की प्रतिक्रिया

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर एक बड़े हमले की चेतावनी दी है, जिसमें उन क्षेत्रों और समूहों को भी निशाना बनाने की बात की गई है, जिन्हें पहले नहीं छुआ गया था। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब एक कमजोर देश बन चुका है, जो दूसरों को दबाने की कोशिश करता था, लेकिन अब उसे झुकना पड़ेगा। इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए तुरंत संघर्ष विराम की आवश्यकता पर जोर दिया।


पुतिन का बयान और ईरान के प्रति समर्थन

क्रेमलिन द्वारा जारी एक बयान में पुतिन ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनई और उनके परिवार के सदस्यों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने इसे मानवता और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। पुतिन ने कहा कि ईरान और मध्य पूर्व के मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति में तुरंत संघर्ष विराम होना चाहिए।


रूस और ईरान के बीच सहयोग

क्रेमलिन ने यह भी बताया कि पुतिन खाड़ी सहयोग परिषद के नेताओं के साथ संपर्क में हैं और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए बातचीत कर रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति ने रूस के समर्थन के लिए पुतिन का आभार व्यक्त किया और कहा कि रूस ने ईरान की संप्रभुता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पेजेश्कियान ने पुतिन को क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बारे में जानकारी दी।


अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

पुतिन ने खामनई और उनके परिवार की हत्या को एक सोची-समझी कार्रवाई बताया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा। इसी बीच, रूस के विदेश मंत्री सरगई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से भी बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। रूस ने अमेरिका और इजराइल के हमलों की कड़ी निंदा की है।