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ईरान पर हमलों का सिलसिला: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनाव की कहानी

ईरान पर हालिया हमलों की श्रृंखला ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया है। बंदर अब्बास और केशम पोर्ट के पास हुए धमाकों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, ओमान, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच दावे भी किए जा रहे हैं। क्या यह संघर्ष वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित करेगा? जानिए पूरी कहानी में।
 

नई दिल्ली में ईरान पर हमले की खबर


नई दिल्ली: सोमवार को ईरान पर एक बार फिर से हमला हुआ। बंदर अब्बास और केशम पोर्ट के निकट जोरदार धमाके सुनाई दिए। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह दिन में दूसरा हमला है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष एक बार फिर से तेज हो गया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।


दक्षिणी तट पर हमलों की श्रृंखला

इससे पहले, अमेरिका ने ईरान के विभिन्न ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं। ईरान की सरकारी मीडिया IRIB ने सुबह में बताया कि दुश्मन की मिसाइलों ने मशहर, जस्क, सिरिक, बंदर अब्बास और केशम पोर्ट को निशाना बनाया। हाल के हमले में अबदान सिटी पर भी मिसाइलें गिरीं।


खुजेस्तान के उप-गवर्नर के अनुसार, सोमवार को दोपहर 1:45 बजे हुए हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हुए। मेहर की रिपोर्ट में कहा गया कि "पिछले कुछ रातों में अमेरिकी बलों ने देश के दक्षिणी तट पर हमले किए हैं, जिसमें कई मछुआरे और देश की रक्षा करने वाले शहीद हुए हैं।"


ईरान का जवाब: खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर हमले

जवाब में, ईरान ने जॉर्डन, ओमान, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। IRGC ने तीन अलग-अलग बयानों में इन हमलों की जानकारी दी। पहले चरण में, ईरान ने कहा कि मिसाइलों और ड्रोन से जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर बड़े मिसाइल डिपो और ईंधन भंडारण टैंकों में आग लगाई गई। दूसरे चरण में, IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया।


यहां हेलीकॉप्टर रखरखाव केंद्र, P-8 इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान हैंगर और ड्रोन कमांड एवं नियंत्रण केंद्र को नष्ट करने का दावा किया गया। तीसरे चरण में, ईंधन डिपो, गोला-बारूद बंकर और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने की बात कही गई। IRGC ने कहा कि ये हमले होर्मुज स्ट्रेट में नौसैनिक टकराव के बाद ईरानी तटीय ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों का जवाब हैं।


होर्मुज पर नियंत्रण की लड़ाई

अमेरिका और ईरान दोनों ने सोमवार को दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उनका नियंत्रण है। यह बयान उस समय आया जब पूरे मध्य पूर्व में वीकेंड पर हमलों का दौर चला। रविवार को, ईरान ने ओमान के तट के पास इस स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर भी हमला किया था।


युद्ध की शुरुआत के बाद से फारस की खाड़ी के इस संकरे रास्ते पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और शिपिंग कंपनियों को धमकाकर अपनी पकड़ मजबूत की है।


ईरान और अमेरिका उस 60-दिन के अंतरिम समझौते की आधी अवधि पूरी कर चुके हैं, जिसका उद्देश्य युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू करना था। लेकिन अब होर्मुज को लेकर लगातार हमले हो रहे हैं। इससे दुनिया के नेताओं को चिंता है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष फिर से भड़क सकता है और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर डाल सकता है।