ईरान में अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में 148 छात्राओं की मौत
ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हमला
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों ने ईरान के दक्षिणी क्षेत्र में एक गर्ल्स स्कूल को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 148 छात्राओं की जान चली गई। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, यह हमला मिनाब शहर में शनिवार को हुआ। यह कार्रवाई अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में चलाए जा रहे एक बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा थी। रिपोर्टों के अनुसार, हमले के दौरान स्कूल पर बम गिरने से वहां पढ़ने वाली छात्राओं की मौके पर ही मृत्यु हो गई। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि मीनाब के शजारेह तैय्येबेह गर्ल्स प्राइमरी स्कूल में मृतकों की संख्या बढ़कर 148 हो गई है, जबकि 95 अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में अधिकांश छात्राएं 7 से 12 वर्ष की आयु की थीं.
हमलों का विस्तार
इन हमलों में ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को भी लक्षित किया गया। प्रारंभिक हमले में, तेहरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अल खेमेनाई से जुड़े कार्यालयों के पास कई धमाकों की आवाज सुनाई दी और आसमान में धुएं के गुब्बारे भी देखे गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान में बड़े सैन्य अभियान शुरू हो चुके हैं और उन्होंने ईरानी जनता से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील की। इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि यह कार्रवाई ईरानी लोगों को अपने भविष्य का निर्णय स्वयं लेने का अवसर प्रदान करेगी। इन हमलों के जवाब में, ईरान ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए, साथ ही बहरीन, कुवैत और क़तर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।
स्थिति की गंभीरता
अबू धाबी में एक व्यक्ति की मौत की खबर भी आई है, जो मिसाइल के मलबे से गिरने के कारण हुई। स्थिति के बिगड़ने के बाद, यूएई और इराक ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए पूरी ताकत से जवाब देगा। यह संघर्ष पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध की आशंका को और बढ़ा रहा है.