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ईरान में अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में ट्रंप का LEGO पुतला जलाने का विवाद

ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में एक विशाल LEGO पुतला, जो डोनाल्ड ट्रंप के समान दिखता था, को जलाने की घटना ने दुनिया का ध्यान खींचा है। इस घटना के दौरान, अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए गए। जानें इस विवादास्पद घटना के पीछे की कहानी और इसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव।
 

अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में अनोखा दृश्य


नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जिसने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया। मशहद में आयोजित अंतिम विदाई समारोह में, एक विशाल LEGO पुतला, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समान दिखता था, को क्रेन से लटकाया गया और बाद में उसमें आग लगा दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।


क्रेन से लटकाकर जलाया गया पुतला

वायरल हो रहे वीडियो में यह स्पष्ट है कि एक बड़े LEGO मॉडल को हवा में लटकाया गया था। इसके बाद, कई लोग जलती हुई मशालें लेकर वहां पहुंचे और पुतले को आग के हवाले कर दिया। कुछ ही क्षणों में, पूरा पुतला आग की लपटों में घिर गया। इसे अमेरिका के प्रति गुस्से का प्रतीक माना जा रहा है।


Giant Lego Trump SET ALIGHT in Mashhad during funeral procession for Ali Khamenei

Chants of 'death to America, death to Israel' ring out pic.twitter.com/RRXhETvapS

— Iran Army Media (@IranArmyMedia) July 10, 2026


खामेनेई को दी गई अंतिम विदाई

86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके गृह नगर मशहद में इमाम रजा की दरगाह के निकट सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनकी अंतिम यात्रा पांच दिनों तक चली, जिसमें तेहरान, क़ुम और पड़ोसी देश इराक के कुछ हिस्से शामिल थे। इस दौरान लाखों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे

अंतिम यात्रा के दौरान, बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। कई प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका विरोधी संदेश दिए और ट्रंप के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। ट्रंप के प्रतीकात्मक पुतले को जलाने की घटना को इसी विरोध का हिस्सा माना जा रहा है।


खामेनेई की मौत के कारण

रिपोर्टों के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के पहले दिन हुई थी। इन हमलों में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे। उनकी मौत के बाद पूरे ईरान में शोक और विरोध प्रदर्शन का माहौल बना रहा।


बढ़ते तनाव के बीच यह घटना

यह घटना उस समय हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे क्षेत्र में संघर्ष और शांति की संभावनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे माहौल में ट्रंप के पुतले को जलाने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाएँ शुरू कर दी हैं।