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ईरान में अस्पतालों में अफरा-तफरी: अमेरिका-इजरायल के हमलों का CCTV फुटेज हुआ वायरल

ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान अस्पतालों में मची अफरा-तफरी का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में मेडिकल स्टाफ को मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते हुए देखा जा सकता है। संघर्ष की शुरुआत 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' से हुई, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और इसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव।
 

अस्पतालों में मची अफरा-तफरी


नई दिल्ली: ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों के चलते अस्पतालों में भारी हड़कंप मच गया है। हाल ही में ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने CCTV फुटेज जारी किया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे मेडिकल स्टाफ मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।


अस्पताल में दहशत का मंजर

इस फुटेज में एक नर्स तीन नवजात शिशुओं को गोद में लेकर तेजी से सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ती नजर आ रही है। एक अन्य क्लिप में जन्म के कुछ ही मिनट बाद एक शिशु को एम्बुलेंस में ले जाते हुए दिखाया गया है। स्टाफ ने छोटे बच्चों को फलों की टोकरियों में रखकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।


ये दृश्य मार्च की शुरुआत के हैं, जब अस्पताल के आसपास हवाई हमले हो रहे थे। लोगों की भागदौड़ और स्टाफ की कोशिशें देखकर दिल दहल जाता है। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, इन हमलों में कई स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान पहुँचा है।




संघर्ष की शुरुआत

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत यह संघर्ष अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी 2026 को शुरू किया गया था। इसके बाद ईरान और इन दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में नौसेना के बीच लगातार टकराव हो रहे हैं।


इस संघर्ष के कारण क्षेत्र में तेल की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। अमेरिका ने ईरानी तेल से जुड़े टैंकरों को जब्त किया है, जबकि ईरान ने जवाब में कुछ मालवाहक जहाजों पर कब्जा कर लिया है। इससे समुद्री मार्गों पर अराजकता फैल गई है।


बढ़ता तनाव और कूटनीतिक प्रयास

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी छोटी नावों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है और जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें हटाने के अभियान को तेज किया है। इस बीच, व्हाइट हाउस में बातचीत के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष-विराम को कुछ समय के लिए बढ़ाने की घोषणा की गई है, हालांकि लड़ाई पूरी तरह से थमी नहीं है।


ईरान का कहना है कि देश में कोई फूट नहीं है और सभी एकजुट हैं। फिर भी, स्वास्थ्य सुविधाओं पर हुए हमलों के ये वीडियो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गए हैं।