ईरान में इजरायली हमले का बड़ा दावा: क्या लारीजानी की मौत हुई?
ईरान में युद्ध का 18वां दिन
ईरान में युद्ध का आज 18वां दिन है, और इस दौरान इजरायली सुरक्षा बलों ने एक महत्वपूर्ण दावा किया है। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने बताया कि बीती रात ईरान में एक हवाई हमले के दौरान सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारीजानी को निशाना बनाया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि लारीजानी इस हमले में मारे गए हैं या घायल हुए हैं।
हमले का प्रभाव
इस हमले ने ईरान में हड़कंप मचा दिया है, और IDF के इस दावे ने ईरान की राजनीतिक संरचना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए जानते हैं कि इस हमले के पीछे क्या कारण हो सकते हैं और इसके संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं।
लारीजानी को निशाना बनाने का आरोप
इजरायली सेना का कहना है कि उसने रात के हमले में IRGC की बासिज फोर्स के प्रमुख कमांडर घोलमरेजा सोलेमानी को मार गिराया है। IDF का दावा है कि सोलेमानी की कथित हत्या ईरान के कमांड-एंड-कंट्रोल ढांचे के लिए एक बड़ा झटका साबित होगी।
लारीजानी की स्थिति
लारीजानी, जो पहले परमाणु वार्ताकार रह चुके हैं और वर्तमान में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव हैं, उन्हें ईरान की सत्ता में एक प्रमुख व्यक्ति माना जाता है। यदि उनकी मौत की पुष्टि होती है, तो वे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद मारे जाने वाले सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे।
हमलों का विवरण
IDF ने सोमवार की रात तेहरान, शिराज और तबरीज में ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए। इजरायली सेना का दावा है कि इन हमलों में तेहरान में कमांड सेंटर, लॉन्च साइट और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया, जबकि शिराज में आंतरिक सुरक्षा बलों के कमांड सेंटर और एक बैलिस्टिक मिसाइल साइट पर भी हमला किया गया।
अमेरिकी इनाम की घोषणा
अमेरिका ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े 10 व्यक्तियों की सूची में लारीजानी सहित वरिष्ठ ईरानी सैन्य और खुफिया अधिकारियों की जानकारी देने पर 1 करोड़ डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की है।