ईरान में खामेनेई की मौत के बाद सियासी भूचाल: अहमद वहिदी बने नए कमांडर-इन-चीफ
तेहरान में सियासी हलचल
तेहरान: मध्य-पूर्व की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला मोड़ आया है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के परिणामस्वरूप ईरान के शीर्ष नेतृत्व में बड़े बदलाव हो रहे हैं। इस घटनाक्रम ने न केवल ईरान की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव को भी बढ़ा दिया है। इस बीच, ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं।
नए कमांडर-इन-चीफ की नियुक्ति
अमेरिका-इजरायल के एहतियाती हमले में IRGC के कमांडर-इन-चीफ की मृत्यु के बाद, ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहिदी को नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है। उन्हें पहले 31 दिसंबर 2025 को IRGC का उप कमांडर-इन-चीफ बनाया गया था। वह पहले ईरान के गृह मंत्री और कुद्स फोर्स के कमांडर भी रह चुके हैं, और उनके पास सुरक्षा मामलों में व्यापक अनुभव है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब 2025 में हुए हमलों में IRGC के कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे, जिनमें हुसैन सलामी भी शामिल थे।
खामेनेई की मौत का प्रभाव
खामेनेई की मौत से मचा राजनीतिक भूचाल
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। बताया गया है कि तेहरान में उनके दफ्तर पर अमेरिका और इजरायल ने सटीक हवाई हमला किया, जिसमें उनकी जान चली गई। प्रारंभ में कुछ सरकारी एजेंसियों ने इन खबरों को गलत बताया, लेकिन बाद में ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB और अन्य मीडिया ने उनकी "शहादत" की पुष्टि की। इस घटना के बाद सरकार ने 40 दिन के राष्ट्रीय शोक और सात दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है। देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है और कई संवेदनशील क्षेत्रों में सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है।
नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया
नेतृत्व परिवर्तन का दौर
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। सत्ता के शीर्ष स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह चर्चा हो रही है कि देश की भविष्य की कमान किसके हाथ में जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समय ईरान के लिए अत्यंत संवेदनशील है।
अमेरिका और इजरायल की प्रतिक्रिया
अमेरिका और इजरायल की प्रतिक्रिया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खामेनेई की मौत की घोषणा करते हुए इसे ईरान की जनता के लिए "देश वापस लेने का मौका" बताया। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आधिकारिक पुष्टि से पहले ही संकेत दिए थे कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर बड़ा असर पड़ा है।