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ईरान में खामेनेई की याद में उमड़ा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल हमले की गूंज

ईरान में अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के 40 दिन पूरे होने पर देशभर में भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा है। राजधानी तेहरान में आयोजित स्मरण समारोह में हजारों लोग शामिल हुए। 28 फरवरी को हुए हमले की याद में आयोजित इस कार्यक्रम में खामेनेई के सिद्धांतों के प्रति निष्ठा जताई गई। अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद ईरान ने कड़ा जवाब दिया, जिससे तनाव बढ़ गया। हाल ही में, ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों के लिए सीजफायर की घोषणा की गई है।
 

ईरान में भावनाओं का ज्वार


ईरान में अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की मृत्यु के 40 दिन पूरे होने पर देशभर में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा है। राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए, जिससे माहौल गहन और भावुक हो गया। यह जनसमूह केवल शोक व्यक्त करने के लिए नहीं था, बल्कि अपने नेता के प्रति सम्मान और एकता प्रदर्शित करने के लिए भी था।


स्मरण समारोह का आयोजन

रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने तेहरान के रिपब्लिक स्क्वायर में आयोजित एक भव्य स्मरण समारोह में भाग लिया। यहां से एक विशाल जुलूस निकला, जो उस स्थान की ओर बढ़ा जहां खामेनेई की जान गई थी। लोग नारे लगाते हुए और अपने नेता के सिद्धांतों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए सड़कों पर दिखाई दिए। यह शोक सभा सुबह से लेकर देर रात तक चलने की संभावना है।


28 फरवरी का दर्दनाक हमला

यह शोक कार्यक्रम 28 फरवरी को हुए हमले की याद में आयोजित किया गया, जिसमें अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए हमलों में खामेनेई की मृत्यु हुई थी। इस हमले में उनके परिवार के कुछ सदस्य भी मारे गए थे।


इसके अलावा, कई प्रमुख सैन्य अधिकारी, जैसे मेजर जनरल अब्दोलरहीम मौसवी और रियर एडमिरल अली शामखानी भी इस हमले में जान गंवा चुके हैं। सबसे दुखद घटना मिनाब के एक प्राथमिक स्कूल में हुई, जहां हमले के दौरान 170 से अधिक लोगों की जान गई, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे। यह घटना पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाली थी।


ईरान का कड़ा जवाब

इन हमलों के बाद, ईरान ने भी कड़ा जवाब दिया। सेना ने इजरायल के नियंत्रण वाले क्षेत्रों और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। कई दिनों तक चले इस टकराव के बाद अंततः कूटनीतिक स्तर पर बातचीत शुरू हुई, जिससे स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।


सीजफायर की घोषणा

हाल के तनाव के बीच, राहत की खबर आई है कि ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों के लिए सीजफायर लागू किया गया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के अनुसार, इस समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। बताया गया है कि अमेरिका ने ईरान के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद यह अस्थायी शांति समझौता संभव हो सका।


खामेनेई की विचारधारा का प्रभाव

सीजफायर के बावजूद, ईरान में भावनाएं अभी भी प्रबल हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान जारी कर कहा कि खामेनेई की विचारधारा आज भी उतनी ही मजबूत है, जितनी उनके जीवनकाल में थी। संगठन का कहना है कि उनके सिद्धांत- प्रतिरोध, स्वतंत्रता और न्याय आज भी देश को दिशा दे रहे हैं और आगे भी देते रहेंगे।