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ईरान में छात्रों का विरोध: क्या खामेनेई की सरकार संकट में है?

ईरान में हालात एक बार फिर से उग्र हो गए हैं, जहां छात्रों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। तेहरान में कई विश्वविद्यालयों में हो रहे इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका का दबाव और आंतरिक असंतोष है। छात्रों ने 'औरत, जिंदगी, आजादी' जैसे नारे लगाते हुए बदलाव की मांग की है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी बढ़ रहा है, जिससे खामेनेई की सरकार की स्थिति और भी कमजोर होती दिख रही है। क्या यह असंतोष सरकार के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है? जानिए पूरी कहानी।
 

तेहरान में उबालता असंतोष


ईरान में हालात एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सरकार को दो मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है - एक ओर अमेरिका का दबाव और दूसरी ओर छात्रों का विरोध। तेहरान में लगातार तीसरे दिन विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। यह स्पष्ट है कि असंतोष की लहर अभी खत्म नहीं हुई है।


प्रदर्शनों का विस्तार

ये प्रदर्शन पिछले सप्ताहांत से शुरू हुए और सोमवार, 23 फरवरी को कम से कम तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों में फैल गए। कई स्थानों पर छात्रों और अर्धसैनिक बल बसिज के बीच झड़पों की भी खबरें आईं। स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे नियंत्रित करने का प्रयास किया।


शरीफ यूनिवर्सिटी में विरोध

शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में छात्रों ने दोपहर के समय कैंटीन के बाहर एकत्र होकर सरकार विरोधी नारे लगाए। कई छात्रों ने मास्क पहन रखे थे और ताली बजाते हुए प्रदर्शन किया। कुछ ने पुराने शाही झंडे लहराए और निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन में आवाज उठाई। इस दौरान बसिज के सदस्यों और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी स्थिति को संभालने के लिए आए, लेकिन तनाव कुछ समय तक बना रहा।


तेहरान यूनिवर्सिटी में नारेबाजी

यूनिवर्सिटी ऑफ तेहरान में हालिया प्रदर्शनों में मारे गए छात्रों की याद में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्रों ने 'औरत, जिंदगी, आजादी' जैसे नारे लगाए और सुप्रीम लीडर को हटाने की मांग की। कुछ छात्रों का आरोप है कि झड़प के समय विश्वविद्यालय के गार्ड ने हस्तक्षेप नहीं किया।


अल जहरा यूनिवर्सिटी में छात्राओं का प्रदर्शन

अल जहरा यूनिवर्सिटी, जो केवल छात्राओं के लिए है, में भी जोरदार प्रदर्शन हुआ। छात्राओं ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और बदलाव की मांग की।


अमेरिका-ईरान संबंधों में तनाव

इन प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए परमाणु समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जिनेवा में वार्ता का अगला दौर प्रस्तावित है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा है कि किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।


मौतों के आंकड़ों पर विवाद

अमेरिका स्थित संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी का दावा है कि हालिया प्रदर्शनों और सरकारी कार्रवाई में 7,000 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें सरकारी बलों के सदस्य भी शामिल हैं। वहीं, ईरान सरकार ने इससे कम संख्या बताई है। पहले भी सरकार पर वास्तविक आंकड़े छिपाने के आरोप लगते रहे हैं।