ईरान में जनआंदोलन: निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की वापसी की घोषणा
रजा पहलवी की वापसी की अपील
नई दिल्ली: ईरान में चल रहे जनआंदोलन के बीच, निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अपने देश लौटने का ऐलान किया है। उन्होंने ईरानी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे केवल सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय, शहरों के मुख्य केंद्रों पर नियंत्रण स्थापित करें। रजा पहलवी का मानना है कि मौजूदा शासन को चुनौती देने के लिए विरोध को अधिक संगठित और व्यापक बनाना आवश्यक है।
आंदोलन को तेज करने की आवश्यकता
आंदोलन को और तेज करने की अपील
पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी के पुत्र रजा पहलवी ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को हटाने के लिए केवल प्रतीकात्मक विरोध पर्याप्त नहीं है। उन्होंने लोगों से संगठित होकर शहरों के प्रशासनिक और व्यावसायिक केंद्रों पर दबाव बनाने का आग्रह किया। उनका मानना है कि यही तरीका सत्ता परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
महंगाई और आर्थिक संकट का प्रभाव
महंगाई और आर्थिक संकट से भड़का जनआक्रोश
ईरान में यह आंदोलन महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुआ था। समय के साथ, यह विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है। सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में सेना की गोलीबारी की घटनाएं हुई हैं।
विरोध प्रदर्शनों में जानमाल का नुकसान
मौतों के आंकड़ों पर विरोधाभास
प्रदर्शनों के दौरान भारी जानमाल के नुकसान की खबरें आ रही हैं। गैर-सरकारी स्रोतों के अनुसार, इन झड़पों में लगभग 2017 लोगों की जान गई है, जबकि ईरानी सरकार ने केवल 65 मौतों की पुष्टि की है। इस आंकड़ों के अंतर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठाए हैं।
खामेनेई की चेतावनी
खामेनेई की कड़ी चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को सख्त चेतावनी दी है, जिसमें उन्होंने मृत्युदंड तक की बात की है। तेहरान में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी विदेशी ताकतों को खुश करने के लिए अपने भविष्य को दांव पर लगा रहे हैं। उन्होंने अमेरिका पर भी परोक्ष हमला करते हुए कहा कि बाहरी देशों को ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
न्यायपालिका का कड़ा रुख
न्यायपालिका का सख्त रुख
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी नरमी नहीं बरती जाएगी और दोषी पाए जाने वालों को अधिकतम सजा दी जाएगी। इससे देश में डर और तनाव का माहौल और गहरा गया है।
ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप की धमकी से बढ़ी वैश्विक चिंता
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान में प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार और हत्याएं जारी रहीं, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि संभावित हमले का मतलब जमीनी सैनिक भेजना नहीं होगा, बल्कि रणनीतिक ठिकानों पर कड़ा प्रहार किया जाएगा। वेनेजुएला पर पूर्व अमेरिकी कार्रवाई के बाद इस बयान को गंभीर संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जनसैलाब का प्रदर्शन
सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
एसोसिएटेड प्रेस को मिले वीडियो फुटेज में उत्तरी तेहरान के सादत आबाद इलाके में हजारों लोगों को सड़कों पर उतरते देखा गया है। प्रदर्शन के दौरान खामेनेई विरोधी नारे भी लगाए गए। यह दृश्य इस बात की गवाही देता है कि जनआंदोलन अब केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्ता के खिलाफ खुली चुनौती में बदल चुका है।