ईरान में ट्रंप के खिलाफ उबाल: प्रदर्शन और गुस्से की लहर
ईरान में ट्रंप के प्रति गुस्सा
ईरान में ट्रंप द्वारा दिए गए जख्मों को भुलाना वहां की जनता के लिए असंभव सा हो गया है। यही कारण है कि समय-समय पर ईरान के नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ता है। हाल ही में तेहरान की सड़कों पर ऐसे पोस्टर्स और बिलबोर्ड्स लगाए गए हैं, जिनकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। आखिर क्यों ईरान के लोग ट्रंप के नाम से इतने नाराज हैं? इसका कारण वो काले दिन हैं जब अमेरिकी और इसराइली बमों ने ईरान की धरती को हिलाकर रख दिया था। इस संघर्ष में न केवल सैन्य ठिकाने नष्ट हुए, बल्कि लाखों परिवारों का जीवन भी बर्बाद हुआ। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई सहित कई प्रमुख कमांडर इस युद्ध में मारे गए। ईरान के लोगों के दिलों में अब भी गहरे जख्म हैं, जो समय के साथ और भी बढ़ते जा रहे हैं।
तेहरान की सड़कों पर प्रदर्शन
ईरानी जनता आज भी उस बर्बादी को नहीं भूली है, और उनका गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर प्रकट हो रहा है। राजधानी तेहरान के एंगलाब स्क्वायर में बड़े-बड़े होल्डिंग्स पर लिखा गया है कि हम ट्रंप को मार देंगे। इन पोस्टर्स में अमेरिकी राष्ट्रपति को जेल की सलाखों के पीछे दिखाया गया है। इसके अलावा, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विचक और इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू के खून से सने चेहरों वाले अपमानजनक पोस्टर्स भी शहर में लगाए गए हैं। हजारों लोग हाथों में लाल झंडे लिए और खून का बदला खून के नारे लगाते हुए सड़कों पर उतर आए हैं।
अमेरिका में ट्रंप की राजनीतिक स्थिति
तेहरान इस समय एक सुलगते हुए रणक्षेत्र में बदल चुका है। एक ओर, ईरान में बदले की कसमें खाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में ट्रंप के राजनीतिक भविष्य पर संकट के बादल छा गए हैं। हाल के मध्यवर्ती चुनावों में ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन को भारी हार का सामना करना पड़ा है। सीनेट, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और कई राज्यों के गवर्नर चुनाव में पार्टी को करारी शिकस्त मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति और मध्य पूर्व में शुरू की गई जंग से अमेरिकी जनता में खौफ और नाराजगी बढ़ी है। घरेलू मोर्चे पर चुनाव की हार और अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर ईरान की धमकियों के बीच ट्रंप चारों ओर से घिर गए हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिकी मध्यवर्ती चुनावों के परिणामों पर प्रतिक्रिया दी है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा है कि अमेरिकी जनता ने युद्ध को नकार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि चाहे वो अंतरात्मा की आवाज हो या महंगाई का बोझ, अमेरिकियों ने युद्ध के खिलाफ वोट दिया है। गालिबाफ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सरकार अपने नागरिकों की इच्छाओं के खिलाफ जाकर अंतरराष्ट्रीय आकाओं के हितों की सेवा करती है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि अमेरिकी लोग ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ हैं।