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ईरान में धमाकों से खाड़ी में बढ़ा तनाव: अमेरिका और ट्रंप की प्रतिक्रिया

ईरान में हालिया धमाकों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी तट पर कई स्थानों पर प्रोजेक्टाइल हमले हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद युद्ध समाप्त हो सकता है। ईरान ने क्षेत्रीय बातचीत की पेशकश की है, जबकि खाड़ी में समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ता जा रहा है। जानें इस स्थिति पर अमेरिका और ईरान की प्रतिक्रियाएं।
 

खाड़ी में धमाकों का नया दौर


नई दिल्ली: ईरान में हाल ही में हुए धमाकों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी तट पर स्थित सिरिक में कई स्थानों पर प्रोजेक्टाइल हमले किए गए। मिनाब काउंटी और केशम द्वीप के आस-पास भी धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं, और कई स्थानों पर प्रोजेक्टाइल गिरने की सूचना मिली है। हालांकि, इन हमलों में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।


हमलों के पीछे का रहस्य

अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन हमलों के पीछे कौन है। जब तक यह खबर लिखी गई, अमेरिका की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था। सिरिक और उसके आसपास के क्षेत्र दक्षिणी तट पर स्थित हैं, और इन हमलों ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया है।


ट्रंप का युद्ध समाप्ति का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है कि अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद युद्ध समाप्त हो सकता है। उन्होंने तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद जताई और ईरान के साथ बातचीत की संभावना को नकारा नहीं किया, लेकिन कहा कि अमेरिका फिलहाल किसी समझौते के लिए सक्रिय प्रयास नहीं कर रहा है।


ईरान की क्षेत्रीय बातचीत की पेशकश

ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्षेत्रीय स्तर पर बातचीत का प्रस्ताव रखा है। तेहरान का कहना है कि इसका उद्देश्य देशों के बीच विश्वास बढ़ाना, दीर्घकालिक सुरक्षा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। ईरान ने खाड़ी और ओमान की खाड़ी की सुरक्षा के लिए तटीय देशों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है, और कहा है कि इसमें बाहरी देशों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।


खाड़ी में समुद्री रास्तों पर बढ़ता तनाव

यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, खाड़ी के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर जहाजों को निशाना बनाने की घटनाएं जारी हैं। रिपोर्ट में कई वाणिज्यिक जहाजों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा, लेबनान की सेना ने दावा किया है कि इजरायल ने जून में तय किए गए दोनों देशों के फ्रेमवर्क का लगभग 7,700 बार उल्लंघन किया है। दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों की भी खबरें आई हैं।


परमाणु कार्यक्रम पर बढ़ता दबाव

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रिपोर्ट करने के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया है। यह कदम तब उठाया गया जब परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की अनुमति नहीं मिली। चीन और रूस ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है।