ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन: महंगाई और सत्ता परिवर्तन की मांग
ईरान में विरोध की लहर
नई दिल्ली: ईरान में सत्ता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ रहा है। नागरिक सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों से जारी है, और नए साल के पहले दिन भी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के साथ सड़कों पर उतरे। उनका मुख्य उद्देश्य सत्ता में बदलाव लाना है, जिसके लिए विभिन्न शहरों में रैलियां आयोजित की जा रही हैं।
महंगाई की समस्या
ईरान में महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आर्थिक संकट सुप्रीम लीडर खामेनेई के कारण उत्पन्न हुआ है। रियाल की डॉलर के मुकाबले गिरावट ने लोगों की जीवनशैली को प्रभावित किया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि महंगाई को नियंत्रित किया जाए। पिछले साल महसा अमीनी आंदोलन के बाद से यह विरोध धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। कई दुकानदारों ने भी महंगाई के खिलाफ अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। वर्तमान में महंगाई दर 42 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है, जिससे आम लोगों की आवश्यकताएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। प्रदर्शनकारी 'डरो नहीं, हम सब साथ हैं', 'तानाशाह मुर्दाबाद' और 'डेथ टू डिक्टेटर' जैसे नारे लगा रहे हैं। कुछ लोग ईरान के पूर्व शासक रजा शाह के समर्थन में भी उतरे हैं।
प्रदर्शन को खत्म करने की कोशिशें
प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए कई स्थानों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ शहरों में गोलीबारी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। सभी प्रदर्शनकारी अपने स्थान पर डटे हुए हैं। हाल ही में स्टूडेंट लीडर सरीरा करीमी को हिरासत में लिया गया है। मौलानाओं द्वारा भी प्रदर्शनकारियों को समर्थन मिल रहा है, जबकि कुछ लोग इसे गलत मानते हैं, यह कहते हुए कि इससे अन्य नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह विरोध और बढ़ता है या लोगों का गुस्सा शांत होता है।