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ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट सेवाएं ठप

ईरान में विरोध प्रदर्शनों की लहर ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है, जहां प्रदर्शनकारियों ने सेना के मुख्यालयों पर कब्जा कर लिया है और इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं। खामनेई की स्थिति कमजोर होती जा रही है, और सेना के जवान भी अब प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं। जानें इस संकट के पीछे के कारण और ईरान की वर्तमान स्थिति के बारे में।
 

ईरान में विरोध की लहर

ईरान में विरोध की आग अब एक ऐसे स्तर पर पहुंच चुकी है, जहां से लौटने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिसमें लोग 'मुल्ला देश छोड़ो' और 'मुल्ला को भगाओ' जैसे नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं।


खामनेई के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। एक ओर, प्रदर्शनकारियों ने सेना के मुख्यालयों पर कब्जा कर लिया है, वहीं दूसरी ओर, पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं। एयरबेस भी बंद कर दिए गए हैं, जिससे दूरसंचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। चारों ओर आगजनी और हिंसा की घटनाएं हो रही हैं, और खामनेई की स्थिति बेहद कमजोर होती जा रही है।


सेना का प्रदर्शनकारियों के साथ आना

कुछ स्थानों से ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि सेना के जवान भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि ईरान की सेना अब खामनेई को घेरने में जुटी हुई है। खबरें हैं कि खामनेई किसी भी समय देश छोड़ सकते हैं और उन्हें रूस से शरण मिल सकती है। वर्तमान स्थिति में इस्लामिक शासन का अंत होता हुआ दिखाई दे रहा है।


इंटरनेट और फोन सेवाओं में बाधा

तेहरान और अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों के बढ़ते विरोध के चलते, बृहस्पतिवार रात को देश में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं काट दी गईं। इंटरनेट कंपनियों ने इस संपर्क टूटने के लिए ईरान सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। दुबई से ईरान में लैंडलाइन और मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन कॉल नहीं लग पाई। आर्थिक संकट के कारण शुरू हुए ये विरोध अब पूरे देश में फैल चुके हैं।


विरोध प्रदर्शनों का विस्तार

ईरान में कम से कम 37 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें शिराज भी शामिल है। वहां एक वीडियो में प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार करते हुए एक दंगा-रोधी ट्रक देखा गया। सरकारी समाचार एजेंसी ने बोजनौर्द में बड़े प्रदर्शन की जानकारी दी है। तेहरान के बाहरी इलाके में एक पुलिस कर्नल पर चाकू से हमला किया गया, जबकि अन्य स्थानों पर गोलीबारी की घटनाएं भी हुई हैं।