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ईरान में महंगाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक असंतोष के चलते विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। तहरान से शुरू होकर यह आंदोलन अब देश के अन्य हिस्सों में फैल चुका है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कई स्थानों पर हिंसक झड़पें हुईं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोग मारे गए हैं। ईरान के राष्ट्रपति ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को मान्यता दी है, लेकिन स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने की चेतावनी भी दी है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
 

विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत

नई दिल्ली: ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक असंतोष के चलते विरोध प्रदर्शन रविवार (27 दिसंबर 2025) से शुरू हुए। प्रारंभ में तहरान के वाणिज्यिक क्षेत्रों में हुए ये प्रदर्शन अब देश के अन्य हिस्सों में फैल चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कुछ स्थानों पर हिंसक झड़पें भी हुईं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोग मारे गए और कई को गिरफ्तार किया गया। अब यह विरोध ग्रामीण और प्रांतीय क्षेत्रों तक पहुंच चुका है.


प्रदर्शन का विस्तार

प्रदर्शन की उत्पत्ति

प्रदर्शन की शुरुआत तहरान में हुई, जहां व्यापारियों ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक ठहराव के खिलाफ हड़ताल की। इसके बाद यह विरोध अन्य शहरों और प्रांतों में फैल गया। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में कई लोग घायल हुए और सात लोगों की जान भी गई। लोर प्रांत और उसके आस-पास के क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं अधिक रही हैं.


सुरक्षा बलों की कार्रवाई

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

तहरान में 30 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने का आरोप था। अधिकारियों ने कहा कि मालार्ड जिले में हुए प्रदर्शन के लिए सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने समन्वित कार्रवाई की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और अन्य साधनों का उपयोग किया.


ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा

ग्रामीण क्षेत्रों में हिंसा

अजना और लॉर्डेगन जैसे शहरों में प्रदर्शन अधिक हिंसक हो गए। ऑनलाइन वीडियो में सड़कों पर आग और गोलियों की आवाज सुनाई दी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक भवनों और बैंकों पर पत्थरबाजी की। पुलिस ने कई प्रमुख प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा में कई लोगों की मौत हुई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है.


प्रदर्शनकारियों के नारे

प्रदर्शनकारियों ने लगाए नारे

प्रदर्शनकारियों ने 'जब तक मौलाना नहीं जाते, यह देश मुक्त नहीं होगा' और 'मौलाना ईरान से बाहर जाएं' जैसे नारे लगाए। सोशल मीडिया पर दर्जनों वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें युवा प्रदर्शनकारी झंडे जलाते और सरकार के खिलाफ नारे लगाते दिखे.


सरकार की प्रतिक्रिया

सरकार ने दी प्रतिक्रिया

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेझेशकियन ने प्रदर्शनकारियों की 'वैध मांगों' को स्वीकार किया। उन्होंने आर्थिक सुधार की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन साथ ही स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि लोगों की जीविका की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.


अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अंतरराष्ट्रीय और मीडिया प्रतिक्रिया

ईरान में हो रहे प्रदर्शनों और हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों की नजर बनी हुई है। पत्रकार मसिह अलीनेजाद ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए और बताया कि युवा सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कई देशों ने ईरान से संयम बरतने और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करने का आग्रह किया है.


आर्थिक संकट का प्रभाव

आर्थिक संकट का असर

महंगाई दर दिसंबर 2025 में 52% तक पहुंच गई है। ईरान की मुद्रा तेजी से गिर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती कीमतें और आर्थिक असुरक्षा उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं। सरकार ने महंगाई और बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन देश में आर्थिक संकट अभी भी गहरा बना हुआ है.