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ईरान में युद्ध का 19वां दिन: इजरायल के हमले में इंटेलिजेंस मंत्री की मौत का दावा

ईरान में युद्ध का 19वां दिन है, जहां इजरायल के हमले में इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब की मौत का दावा किया गया है। इस घटना पर तुर्की ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के नेतृत्व पर हमले क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकते हैं। जानिए इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

ईरान में युद्ध की स्थिति


ईरान में युद्ध का आज 19वां दिन है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका और इजरायल के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी बीच, ईरान भी इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इजरायल ने इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण दावा किया है। इजरायल के रक्षा मंत्री, इजरायल काट्ज ने बुधवार को बताया कि इजरायली रक्षा बलों के हमलों में ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब की मौत हो गई है। हालांकि, ईरान की ओर से इस मौत की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।


काट्ज़ का बयान

काट्ज़ ने कहा कि आज सभी मोर्चों पर बड़े सरप्राइज की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सेना को किसी भी अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारी को निशाना बनाने की अनुमति दी है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह दो दिनों में ईरान के तीसरे बड़े नेता की हत्या होगी। इससे पहले मंगलवार को ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और बसीज बल के प्रमुख गुलाम रजा सुलेमानी को इजरायल द्वारा मार गिराए जाने का दावा किया गया था।


इस्माइल खतीब का परिचय

इस्माइल खतीब एक प्रमुख शिया धर्मगुरु और कुशल इंटेलिजेंस अधिकारी थे। उन्होंने ईरान की न्यायपालिका और खुफिया मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान खतीब ने रिवोल्यूशनरी गार्ड में सेवा की थी। उनकी साइबर गतिविधियों के कारण अमेरिका ने 2022 में उन पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, खतीब साइबर जासूसी और रैनसमवेयर हमलों से जुड़े नेटवर्क का नेतृत्व कर रहे थे। उनका जन्म 1960 में ईरान के दक्षिण खोरासान प्रांत के घायनात जिले में हुआ था।


तुर्की की प्रतिक्रिया

इजरायल की इन कार्रवाइयों पर तुर्की ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। तुर्की के विदेश मंत्री हकन फ़िदान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ अवैध राजनीतिक हत्याएं बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर लगातार हमले क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं। ऐसे हालात में युद्ध और अधिक जटिल रूप ले सकता है, जिससे मानव और रणनीतिक नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।