ईरान में हिजाब विरोध प्रदर्शन में बढ़ी हिंसा, 544 लोगों की मौत
ईरान में प्रदर्शन और हिंसा का बढ़ता सिलसिला
ईरान में हिजाब और मानवाधिकारों के मुद्दे पर शुरू हुए प्रदर्शनों ने अब एक गंभीर संघर्ष का रूप ले लिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, सरकारी कार्रवाई में कम से कम 544 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 496 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि ईरान ने अमेरिका और इजराइल को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे मध्य-पूर्व में युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
हिरासत में लिए गए लोग और इंटरनेट बंदी
अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की एक एजेंसी ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह एजेंसी ईरान में अपने समर्थकों के माध्यम से सूचनाओं की सत्यता की पुष्टि करती है। मारे गए लोगों में 496 प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबलों के 48 सदस्य शामिल हैं।
ईरान में इंटरनेट सेवाओं की बाधा
ईरान में इंटरनेट सेवाएं ठप होने और फोन लाइनों के काटे जाने के कारण विदेशों से प्रदर्शनों की स्थिति का आकलन करना कठिन हो गया है। स्वतंत्र रूप से मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकी है, और ईरानी सरकार ने अब तक हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।
अमेरिका और इजराइल के खिलाफ ईरान की धमकियाँ
शनिवार रात से रविवार सुबह तक, तेहरान और देश के दूसरे बड़े शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदमों पर विचार कर रही है, जिसमें साइबर हमले और सीधे सैन्य हमले शामिल हैं। ट्रंप ने कहा, "हम बहुत सख्त विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।"
ईरान के कट्टरपंथी नेताओं की चेतावनी
ईरान के कट्टरपंथी नेता मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने संसद में भाषण के दौरान इजराइल को धमकी दी। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमले की स्थिति में सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने और जहाज़ वैध लक्ष्य होंगे। सांसदों ने इस पर 'अमेरिका मुर्दाबाद' के नारे लगाए।