उत्तर कोरिया का नया मिसाइल परीक्षण: क्या बढ़ रहा है एशिया में तनाव?
उत्तर कोरिया ने किया बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण
नई दिल्ली: उत्तर कोरिया ने बुधवार की सुबह अपने पूर्वी तट से जापान सागर की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। यह घटना उस समय हुई है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी कर रहे हैं, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
दक्षिण कोरिया की सेना की प्रतिक्रिया
दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, यह मिसाइल वॉनसान क्षेत्र से स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 6 बजे दागी गई। इसके तुरंत बाद, दक्षिण कोरियाई सेना ने इसकी निगरानी शुरू की और अमेरिका तथा जापान के साथ जानकारी साझा की।
जापान का बयान
समुद्र की ओर दागी गई मिसाइल
जापान के रक्षा मंत्रालय ने इस प्रक्षेपण को संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में पहचाना है। जापानी अधिकारियों का मानना है कि यह मिसाइल समुद्र में गिर गई है, लेकिन इसकी सटीक दूरी और उड़ान से संबंधित तकनीकी जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है।
Instruction by the Prime Minister in Response to the Suspected Ballistic Missile Launch by North Korea (06:03) pic.twitter.com/Fh5yHpZeRu
— PM's Office of Japan (@JPN_PMO) August 11, 2026
सैन्य अभ्यास की पृष्ठभूमि
यह परीक्षण उस समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अपने वार्षिक सैन्य अभ्यास 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' की तैयारी कर रहे हैं, जो लगभग 11 दिनों तक चलेगा और इसमें बड़ी संख्या में सैनिक शामिल होंगे।
उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया
सैन्य अभ्यास से चिढ़ता है उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता आ रहा है। प्योंगयांग का आरोप है कि इन अभ्यासों के माध्यम से उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की योजना बनाई जाती है।
इसी कारण, उत्तर कोरिया अक्सर ऐसे अभ्यासों से पहले या उनके दौरान मिसाइल परीक्षण करके अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करता है। हालिया लॉन्च को भी विशेषज्ञ इसी रणनीति का हिस्सा मानते हैं।
जापान के साथ तनाव
जापान को लेकर भी बढ़ी तल्खी
हाल के दिनों में, उत्तर कोरिया ने जापान की बढ़ती सैन्य तैयारियों पर भी निशाना साधा है। जापान अपने रक्षा बजट और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दे रहा है, जिसे प्योंगयांग क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम मानता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए मिसाइल परीक्षण से अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच सुरक्षा सहयोग और मजबूत हो सकता है। इसके साथ ही, आने वाले दिनों में उत्तर कोरिया की ओर से किसी अन्य सैन्य गतिविधि पर भी दुनिया की नजर रहेगी।