उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को किया खारिज
उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर एक सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा की जा रही निरस्त्रीकरण की मांग को खारिज कर दिया है। किम जोंग उन ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अब इस मुद्दे पर बातचीत नहीं करेगा। इसके अलावा, उत्तर कोरिया और चीन ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
Jun 15, 2026, 12:53 IST
उत्तर कोरिया का सख्त रुख
उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम के संदर्भ में एक स्पष्ट और कठोर रुख अपनाते हुए एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। किम जोंग उन ने कहा है कि परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया अब अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त हो चुकी है। उत्तर कोरिया ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा की जा रही निरंतर परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है। कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी के माध्यम से जारी एक आधिकारिक बयान में, उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि दूसरे पक्ष द्वारा परमाणु हथियारों के निरस्त्रीकरण की मांग केवल तर्कहीन चर्चा और काल्पनिक स्वप्न है। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु सशस्त्र स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
अमेरिका की बयानबाजी पर प्रतिक्रिया
प्रवक्ता ने आगे कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा उत्तर कोरिया के खिलाफ की जा रही निराधार बयानबाजी और निरंतर परमाणु खतरे के प्रयास हमारे देश की परमाणु स्थिति को प्रभावित नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया अब समाप्त हो चुकी है। सीधे शब्दों में कहें तो उत्तर कोरिया ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब इस मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं करेगा। यदि बातचीत होती भी है, तो देश की व्यवस्था ऐसी है कि परमाणु निरस्त्रीकरण संभव नहीं है। हाल ही में दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं की कड़ी निंदा की गई, जिसमें प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने पर जोर दिया गया था।
चीन के साथ संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता
उत्तर कोरिया के प्रवक्ता ने अमेरिका और जापान के बीच हुई एक्सटेंडेड डेटरेंस वार्ता की भी आलोचना की, यह कहते हुए कि वाशिंगटन और टोक्यो द्वारा उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रतिबद्धता को दोहराना व्यर्थ है। प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया कितनी भी बैठकें कर लें, वे उत्तर कोरिया की परमाणु स्थिति को नहीं बदल सकते। यह कड़ा बयान गुरुवार को दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच हुई द्विपक्षीय परमाणु परामर्श समूह की बैठक के बाद जारी किया गया।
चीन के साथ सहयोग
इस बैठक में दोनों देशों ने उत्तर कोरिया के पूर्ण सत्यापित और अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण के साझा लक्ष्य को फिर से दोहराया। इस बीच, उत्तर कोरिया और चीन ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान आर्थिक सहयोग, बुनियादी ढांचागत विकास, सैन्य सहयोग और राजनीतिक समन्वय को बढ़ाने पर जोर दिया। शी जिनपिंग ने किम जोंग उन के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात में दोनों देशों के बीच नए युग के संबंध स्थापित करने की बात कही।