उत्तर कोरिया ने फिर बढ़ाया तनाव: दो मिसाइलों का परीक्षण, क्या है इसके पीछे की वजह?
उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण
नई दिल्ली: रविवार को उत्तर कोरिया ने एक के बाद एक दो मिसाइलें लॉन्च कर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव को और बढ़ा दिया है। पहली मिसाइल को पूर्वी तट के वॉनसान क्षेत्र से दोपहर लगभग 3 बजे छोड़ा गया, जो करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय कर पूर्वी सागर में गिर गई। दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (एसआरबीएम) हो सकती है, जो ह्वासोंग-11 श्रृंखला की है। जापान ने भी इसे बैलिस्टिक मिसाइल मानते हुए बताया कि यह उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर गिरी।
दूसरी मिसाइल का परीक्षण
तीन घंटे बाद छोड़ी गई दूसरी मिसाइल
पहली मिसाइल के तीन घंटे बाद, प्योंगयांग ने एक और अज्ञात प्रोजेक्टाइल दागा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि दूसरी मिसाइल किस प्रकार की थी और इसकी दूरी कितनी थी। दक्षिण कोरिया और अमेरिका दोनों ने इन लॉन्च की निगरानी की और जापान के साथ जानकारी साझा की है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरा
सुरक्षा को लेकर बताया खतरा
यह परीक्षण उस समय हुआ है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में अमेरिका के नेतृत्व में दक्षिण कोरिया और जापान के साथ सैन्य अभ्यास किए गए थे, जिन्हें उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। इसी कारण, किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने इन अभ्यासों की कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि उत्तर कोरिया अपनी परमाणु नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा।
दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, उसकी सुरक्षा परिषद ने इसे संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन बताया है। जापान के रक्षा मंत्री ने भी चेतावनी दी है कि प्योंगयांग की ये गतिविधियाँ न केवल जापान, बल्कि पूरे क्षेत्र और विश्व की शांति के लिए खतरा हैं। जापान ने बीजिंग के माध्यम से अपना विरोध भी व्यक्त किया है।