उत्तरी साइप्रस में फेरी पलटने से मची अफरा-तफरी: 7 की मौत, 23 लापता
साइप्रस के तट पर समुद्री दुर्घटना
नई दिल्ली: रविवार को उत्तरी साइप्रस के तट पर एक गंभीर समुद्री दुर्घटना हुई। 270 यात्रियों से भरी एक फेरी अचानक समुद्र में पलट गई, जिससे चीख-पुकार मच गई। कई यात्री जान बचाने के लिए पलटी हुई फेरी पर चढ़ गए। इस घटना में 7 लोगों की जान चली गई है और 23 लोग अब भी लापता हैं, जबकि 237 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
फेरी में पानी भरने की घटना
यह फेरी एक निजी कंपनी, फाइलोजेट, की थी। यह रविवार दोपहर लगभग 12:30 बजे उत्तरी साइप्रस के काइरेनिया बंदरगाह से तुर्की के तासुकु बंदरगाह के लिए रवाना हुई थी। इसमें 259 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। यात्रा शुरू होने के कुछ समय बाद ही फेरी में पानी भरने लगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि फेरी के अंदर पानी कैसे घुसा। कुछ ही समय में, यह काइरेनिया से लगभग 4 नॉटिकल मील दूर पलट गई। यह क्षेत्र पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है, जिससे हादसे की खबर तेजी से फैल गई।
यात्री जान बचाने के लिए संघर्ष करते हुए
दुर्घटना के बाद समुद्र में अफरा-तफरी मच गई। सामने आए वीडियो में यात्री लाल रंग की लाइफ जैकेट पहने हुए पलटी हुई फेरी पर बैठे नजर आ रहे हैं। चारों ओर केवल समुद्र था और लोग मदद का इंतजार कर रहे थे। सूचना मिलते ही तुर्की और उत्तरी साइप्रस की कोस्ट गार्ड टीमों ने एक बड़ा बचाव अभियान शुरू किया।
237 लोगों को बचाया गया, 23 की खोज जारी
तुर्की साइप्रस के नेता तुफान एरहुरमान ने बताया कि अब तक 237 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, 7 की मौत हो चुकी है और 23 लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कुछ लोग फेरी के अंदर फंसे हैं, तो वहां तक पहुंचना बहुत कठिन है, इसलिए अन्य तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
बचाव कार्य में उत्तरी साइप्रस के 4 कोस्ट गार्ड जहाज, एक सिविलियन बोट, तुर्की के 5 कोस्ट गार्ड जहाज और 2 हेलिकॉप्टर शामिल हैं। उत्तरी साइप्रस के प्रधानमंत्री उनाल उस्तेल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और सुरक्षा बल, स्वास्थ्य विभाग और खोज टीमें मिलकर काम कर रही हैं।
क्या तूफान था कारण?
दुर्घटना से एक दिन पहले साइप्रस में तेज तूफान आया था। खराब मौसम के कारण शनिवार को द्वीप के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक और समुद्री हादसा हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
इसलिए मौसम को लेकर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फेरी के रवाना होने के समय मौसम सुरक्षित था। असली कारण की जांच अभी जारी है।