कतर: एक ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टिकोण
व्हाइट हाउस में नेतन्याहू की माफी
29 सितंबर 2025 को, अमेरिका के व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू फोन के रिसीवर के साथ बैठे थे, जबकि उनके सामने पीस मेकर डोनाल्ड ट्रंप मौजूद थे। नेतन्याहू ने कतर के प्रधानमंत्री से 9 सितंबर को दोहा में हुए हमले के लिए माफी मांगी। पिछले दो वर्षों से इजरायल गाजा पर लगातार हमले कर रहा है, जिसमें अमेरिका का भी सहयोग शामिल है। हाल ही में, इजरायल ने कतर पर भी बमबारी की, जिसके बाद व्हाइट हाउस में नेतन्याहू को बुलाया गया। ट्रंप ने कतर के प्रधानमंत्री को फोन किया और फिर नेतन्याहू को फोन सौंपा, जहां उन्होंने हमास के खिलाफ हमले के लिए माफी मांगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने का आश्वासन दिया।
कतर का प्राचीन इतिहास
लगभग 8000 साल पहले, मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बारिश हुई, जिससे जीवन का विकास हुआ। कतर में लोग बसने लगे और मिट्टी के बर्तन बनाने लगे। अल उबैद नामक प्राचीन सभ्यता के बर्तन कतर में भी पाए गए, जो पॉटरी संस्कृति की शुरुआत माने जाते हैं। 224 ईस्वी में, ससानी साम्राज्य ने खाड़ी पर नियंत्रण स्थापित किया और कतर मोती व्यापार में संलग्न हो गया।
इस्लाम का आगमन
सातवीं सदी में इस्लाम का आगमन कतर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था। 628 ईस्वी में, पैगंबर मोहम्मद ने इस्लाम को अपनाने के लिए पूर्वी अरब के शासक को एक दूत भेजा। इस्लाम के आगमन से कतर में धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक बदलाव आए।
कतर की पहचान
आठवीं सदी में, उमयद डायनेस्टी के दौरान कतर को घोड़ों और ऊंटों के प्रजनन केंद्र के रूप में पहचान मिली। 19वीं सदी में, अल थानी परिवार ने सत्ता संभाली और कतर ब्रिटिश प्रोटेक्टोरेट बना।
तेल की खोज और आर्थिक बदलाव
20वीं सदी की शुरुआत में, कतर की अर्थव्यवस्था मोती व्यापार पर निर्भर थी। लेकिन 1930 के दशक में कृत्रिम मोती के उत्पादन ने इस व्यापार को प्रभावित किया। 1939 में, दुखान तेल क्षेत्र में तेल की खोज ने कतर की आर्थिक स्थिति को बदल दिया।
गैस की तकनीक में निवेश
कतर ने गैस को तरल रूप में परिवर्तित करने की तकनीक में निवेश किया, जिससे वह तरल प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा निर्यातक बन गया। कतर ने तेल की कमाई को अन्य क्षेत्रों में निवेश करने की रणनीति अपनाई।
अल जजीरा का उदय
1996 में, कतर ने अल जजीरा की स्थापना की, जिसने अरब मीडिया में क्रांति ला दी। यह कतर को मध्य पूर्व में सॉफ्ट पावर बनाने में मददगार साबित हुआ।
भारत के साथ संबंध
कतर और भारत के बीच कूटनीतिक संबंध 70 के दशक में शुरू हुए। 2022-23 में, दोनों देशों के बीच 18.77 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। कतर भारत को एलएनजी, LPG और अन्य सामान बेचता है।
कतर में भारतीय समुदाय
कतर में 8 लाख 30 हजार से अधिक भारतीय प्रवासी हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। कतर में भारतीय स्कूल और विश्वविद्यालय भी हैं, जो शिक्षा प्रदान करते हैं।
अमेरिका को महंगा उपहार
कतर ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बोइंग 747-8 जंबो जेट उपहार में दिया, जिसकी कीमत 3400 करोड़ रुपए है। यह अब तक का सबसे महंगा उपहार है जो किसी अमेरिकी राष्ट्रपति को मिला है।
कतर की विदेश नीति
कतर की विदेश नीति में ईरान के साथ अच्छे संबंध और अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग शामिल है। कतर ने 2017 में सऊदी अरब की नाकेबंदी के बावजूद अपनी आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखा।