कतर पर मिसाइल हमले से ऊर्जा सुरक्षा को खतरा, ईरान की निंदा
मध्य-पूर्व संघर्ष का नया मोड़
मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष ने अब एक गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। 19 मार्च 2026 की सुबह, ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों ने कतर के रास लफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाया, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यात सुविधा का केंद्र है।
नए हमलों से हुई क्षति
कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी Qatar Energy ने पुष्टि की है कि हमलों के कारण कई LNG सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, जिससे "बड़ी आग" लग गई है और आगे भी नुकसान की आशंका है। कंपनी ने बताया कि इससे पहले एक हमले में 'गैस-टू-लिक्विड्स' सुविधा को भी नुकसान हुआ था, जिससे नए हमलों का प्रभाव और बढ़ गया।
कंपनी ने कहा, "18 मार्च 2026 को रास लफ़ान पर हुए पिछले हमले के बाद, आज सुबह कई LNG सुविधाओं पर मिसाइल हमले हुए। इन हमलों से बड़ी आग लगी और नुकसान हुआ। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तुरंत तैनात किया गया है; अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हम ताज़ा जानकारी प्रदान करते रहेंगे।"
आग पर काबू पाने के प्रयास
दमकलकर्मियों और इमरजेंसी टीमों को आग बुझाने के लिए तैनात किया गया है, और अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रयास जारी रखे हैं। कतर, जो वैश्विक बाजारों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करता है, ने पहले ही उत्पादन रोक दिया था। नए नुकसान के कारण आपूर्ति में और देरी होने की संभावना है, जो वैश्विक ऊर्जा कीमतों और उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है।
कतर का विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है, इसे एक क्रूर कार्य बताते हुए कहा कि यह देश की संप्रभुता का उल्लंघन है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इस तरह के तनाव से क्षेत्र की स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरा हो सकता है। कतर ने संयम बरतने की अपील की है, लेकिन ईरान पर आरोप लगाया है कि वह गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है।
ईरानी दूतावास के कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश
हमले के कुछ घंटों बाद, कतर ने ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को "पर्सोना नॉन ग्राटा" घोषित कर दिया और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय ईरान की बार-बार की गई आक्रामकता के जवाब में लिया गया है, जिसने कतर की संप्रभुता का उल्लंघन किया है।