कनाडा के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा से व्यापारिक संबंधों में सुधार की उम्मीद
कनाडा का व्यापारिक दृष्टिकोण
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने घोषणा की है कि ओटावा अगले दशक में अमेरिका के बाहर अपने निर्यात को दोगुना करने की योजना बना रहा है। इस निर्णय का उद्देश्य वैश्विक व्यापार परिदृश्य में विविधता लाना है। भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पट्नायक ने बताया कि पिछले दो वर्षों में तनावपूर्ण राजनयिक संबंधों के बाद, कार्नी भारत की यात्रा करने वाले हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिल सके।
सीबीसी के एक कार्यक्रम में, पट्नायक ने कहा कि कार्नी की यात्रा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ के कारण कनाडा के व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाना है।
भारत और कनाडा के व्यापारिक संबंध
भारत और कनाडा दोनों ही अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क का सामना कर रहे हैं। भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क है, जिसमें से 25 प्रतिशत शुल्क रूस से तेल की खरीद के कारण है। वहीं, कनाडा पर 35 प्रतिशत शुल्क लागू है।
कार्नी ने एक पोस्ट में कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में, कनाडा की नई सरकार उन चीजों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिन्हें वे नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले दशक में गैर-अमेरिकी निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य है, ताकि कनाडाई व्यवसायों के लिए नए अवसर उत्पन्न हो सकें।
राजनयिक संबंधों में सुधार
पट्नायक ने बताया कि कार्नी की यात्रा 1 फरवरी को भारत द्वारा केंद्रीय बजट पेश करने के बाद होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा नए सिरे से शुरू हुए संबंधों का संकेत है।
पट्नायक ने यह भी कहा कि भारतीय सरकार ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और कहा कि यह बेतुका है। कनाडा का दृष्टिकोण बदल रहा है, और नए प्रधानमंत्री कनाडा के व्यवहार में बदलाव ला रहे हैं।
भारत-कनाडा संबंधों में तनाव
2023 में भारत ने खालिस्तानी अलगाववादी तत्वों के प्रति कनाडा की कथित नरमी पर चिंता व्यक्त की थी। इसी वर्ष एक गुरुद्वारे के बाहर एनआईए द्वारा नामित आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता के आरोपों पर भी चिंता जताई गई थी।