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कनाडा में खालिस्तान समर्थक रैलियों के लिए मंदिरों के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई

कनाडा में रविवार को खालिस्तान समर्थक रैलियों का आयोजन होने जा रहा है, जिसके चलते मंदिरों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सिख फॉर जस्टिस द्वारा आयोजित इन रैलियों के खिलाफ पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंदिर प्रशासन ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, जबकि प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने का आश्वासन दिया गया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कुछ हो रहा है।
 

कनाडा में खालिस्तान समर्थक रैलियों की तैयारी

रविवार को कनाडा में दो प्रमुख हिंदू मंदिरों के बाहर खालिस्तान समर्थक रैलियों का आयोजन किया जाएगा। यह रैलियां अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) द्वारा आयोजित की जा रही हैं। प्रदर्शन ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और ब्रिटिश कोलंबिया के लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर होंगे। इन आयोजनों को देखते हुए कनाडा पुलिस ने सुरक्षा उपायों को सख्त कर दिया है।


पुलिस की चेतावनी

कनाडा पुलिस ने शनिवार को स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का अवैध कार्य या अपराध सहन नहीं किया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि नफरत फैलाने वाले कार्यों के लिए कोई स्थान नहीं है।


शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति

पुलिस ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार मान्य है, लेकिन किसी भी प्रकार के हंगामे की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारी प्रदर्शन के दौरान भीड़ पर नजर रखेंगे।


मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था

लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रबंधन ने अदालत से आदेश प्राप्त किया है कि रविवार को कोई भी प्रदर्शनकारी मंदिर के 100 मीटर के भीतर नहीं आ सकेगा। इसी तरह, ब्रैम्पटन में भी मंदिर के 100 मीटर के भीतर प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई है। यह कानून नवंबर 2024 में हिंदू सभा मंदिर पर हमले के बाद लागू किया गया था।


मंदिर प्रशासन की चिंताएं

त्रिवेणी मंदिर के महंत युधिष्ठिर धनराज ने कहा कि वह इस स्थिति से बहुत चिंतित हैं। उन्होंने इसे शोषण की संज्ञा दी है और कहा कि भक्त ऐसे प्रदर्शनों से डरते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा होता है।


मंदिर का संचालन

मंदिर बंद नहीं रहेगा और इसके नियमित कार्यक्रम जारी रहेंगे। आम भक्तों के लिए मंदिर खुला रहेगा। पुलिस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और किसी भी उपद्रव की अनुमति नहीं दी जाएगी।


प्रदर्शन का नेतृत्व

सिख फॉर जस्टिस के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू का कहना है कि वह कनाडा के संवैधानिक अधिकारों के तहत रैली का आयोजन कर रहे हैं। पन्नू भारत में आतंकवादी घोषित हैं और भारतीय एजेंसियां उनकी तलाश कर रही हैं।


हिंदुओं की चिंताएं

कनाडा में 30 से अधिक हिंदू मंदिरों और संगठनों ने पुलिस से अनुरोध किया है कि वे मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षित रखें। हिंदू संगठनों का कहना है कि मंदिर शांति और पूजा के स्थान हैं, न कि राजनीतिक धमकी का केंद्र। पिछले साल नवंबर में खालिस्तान समर्थकों ने ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर पर हमला किया था, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।